| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NOSL1HN005 | 4 |
Course Coordinator(s) डॉ.निकिता जैन
Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)
No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
How does the course link with the vision of AUD?-
यह पाठ्यक्रम डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली की उस शैक्षणिक दृष्टि के अनुरूप है, जो समालोचनात्मक दृष्टि, अंतरानुशासनिकता और स्वतंत्र चिंतन को महत्व देती है। संगोष्ठी-आधारित अध्ययन और स्वाध्याय की प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थी विश्लेषणात्मक क्षमता का विकास करेंगे, साहित्यिक और सामाजिक संदर्भों पर विचार करेंगे तथा विभिन्न वैचारिक रूपरेखाओं का मूल्यांकन कर सकेंगे। यह पाठ्यक्रम संवाद, विमर्श और तर्कपूर्ण अभिव्यक्ति की संस्कृति को विकसित करता है, जिससे विद्यार्थी सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील दृष्टि विकसित कर सकें। इस प्रकार यह पाठ्यक्रम सामाजिक न्याय, समावेशन और रूपांतरणकारी शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करेगा ।
How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
यह पाठ्यक्रम बी.ए. (ऑनर्स) हिन्दी कार्यक्रम की संरचना के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों को स्वतंत्र अध्ययन, विश्लेषणात्मक चिंतन तथा अकादमिक लेखन के कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। सेमिनार-आधारित इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी अर्जित ज्ञान को व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करते हुए अकादमिक संवाद में सक्रिय सहभागिता कर सकेंगे ।
पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)
प्रस्तुत संगोष्ठी पत्र-आधारित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को चयनित विषय पर केंद्रित अध्ययन, संदर्भ-सामग्री के प्रभावी उपयोग तथा अकादमिक लेखन और प्रस्तुति की प्रक्रियाओं से परिचित कराता है। मॉड्यूल-आधारित संरचना के अंतर्गत विषय-चयन, पठन-सामग्री एवं संदर्भ-संग्रहण, विश्लेषण तथा लेखन-प्रक्रिया के विभिन्न चरणों के माध्यम से विद्यार्थी संगोष्ठी पत्र तैयार करना सीखेंगे और उसकी प्रस्तुति देंगे । इस प्रक्रिया में उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता, तर्कपूर्ण अभिव्यक्ति तथा अकादमिक संवाद कौशल का विकास होगा।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
पठन-सामग्री एवं शोध-पत्रों के अध्ययन के माध्यम से चयनित संगोष्ठी विषय की अवधारणात्मक समझ विकसित करना।
विविध स्रोतों से प्राप्त जानकारी का समेकन करते हुए विषय पर सुसंगत व्याख्या एवं दृष्टिकोण विकसित करना।
संगोष्ठी पत्र प्रस्तुति तथा शैक्षणिक चर्चा के माध्यम से प्रभावी संप्रेषण कौशल विकसित करना।
चयनित विषय के विशिष्ट पहलुओं पर गहन अध्ययन/अनुसंधान की क्षमता विकसित करना।
Course Outcomes:
- CO1: विद्यार्थी संगोष्ठी पत्र से सम्बंधित विषय और उससे जुड़ी पठन-सामग्री को समझ सकेंगे।
- CO2: विद्यार्थी अध्ययन किए गए लेखों/शोध-पत्रों के मुख्य विचारों और निष्कर्षों की पहचान कर सकेंगे।
- CO3: विद्यार्थी अलग-अलग लेखकों के विचारों की तुलना कर सकेंगे।
- CO4: विद्यार्थी विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी को जोड़कर अपने तर्क प्रस्तुत कर सकेंगे।
- CO5: विद्यार्थी अपने विषय को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत कर सकने में सक्षम हो सकेंगे।
- CO6: विद्यार्थी एक छोटा संगोष्ठी-पत्र तैयार कर सकेंगे और उसमें सही तरीके से संदर्भ (citation) का उपयोग कर सकेंगे।
Modules and Readings
मॉड्यूल – 1 संगोष्ठी पत्र : अवधारणा, स्वरुप और प्रक्रिया
इस मॉड्यूल के अंतर्गत संगोष्ठी पत्र की अवधारणा, उसके स्वरूप, उद्देश्य एवं प्रासंगिकता से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा। इसके साथ ही विषय-चयन की प्रक्रिया एवं उसके मानदंडों पर विचार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी उपयुक्त एवं प्रासंगिक विषय का चयन कर सकें। इसके अतिरिक्त इस भाग में, संगोष्ठी पत्र की रूपरेखा (संरचना) के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी अपने विचारों को व्यवस्थित एवं क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम हो सकें।
निर्धारित विषय :-
- संगोष्ठी पत्र का स्वरूप, उद्देश्य एवं प्रासंगिकता
- विषय-चयन की प्रक्रिया
- संगोष्ठी पत्र की रूपरेखा
सहायक पाठ्य सामग्री :-
- स्वरुप , प्रकार - https://www.scribd.com/document/790991005/TYPES-OF-SEMINAR-PAPER-082626
- सेमिनार पेपर - https://sites.google.com/a/uah.edu/joseph-taylor/home/eh-451-551/writing-the-seminar-
- प्रकिया - https://www.editage.com/insights/what-best-procedure-and-format-writing-seminar-paper
मॉड्यूल 2 : संगोष्ठी पत्र : सम्बंधित सामग्री का चयन एवं संकलन
इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थी सम्बन्धित विषय के अनुरूप प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों की पहचान करना सीखेंगे। इसके पश्चात् वे विषय से संबंधित पठन-सामग्री का चयन करते हुए उसका व्यवस्थित संकलन करेंगे। संकलित सामग्री को वर्गीकृत कर उसके विभिन्न आयामों को समझने का प्रयास किया जाएगा, जिससे अध्ययन अधिक सुव्यवस्थित हो सके। साथ ही, विद्यार्थी विषयानुकूल संदर्भ-सामग्री की उपयोगिता को समझने एवं उसका उपयोग करने में सक्षम हो सकेंगे ।
निर्धारित विषय:
- विषय के अनुरूप प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों की पहचान
- विषय से सम्बंधित पठन-सामग्री का चयन एवं व्यवस्थित संकलन
- संकलित सामग्री का वर्गीकरण
- विषयानुसार संदर्भ-सामग्री की उपयोगिता को समझना
सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-
- शोध प्रविधि, डॉ.विनयमोहन शर्मा, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली https://dn790008.ca.archive.org/0/items/in.ernet.dli.2015.273603/2015.273603.Shodh-Pravidhi.pdf
- संगोष्ठी पत्र – दिशा-निर्देश https://www.academia.edu/145265929/Guideline_for_Writing_a_SeminP
Paper
- संगोष्ठी पत्र के लिए अनुसन्धान रणनीतियां - https://guides.ll.georgetown.edu/seminar_papers
माड्यूल 3: संगोष्ठी पत्र : सम्बंधित सामग्री का आलोचनात्मक विश्लेषण/
इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थी चयनित विषय से संबंधित पठन-सामग्री का गहन अध्ययन करते हुए उसका आलोचनात्मक विश्लेषण करेंगे। वे विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सामग्री में निहित प्रमुख तर्कों, दृष्टिकोणों तथा वैचारिक प्रवृत्तियों की पहचान करेंगे तथा उनके बीच समानताओं एवं भिन्नताओं का तुलनात्मक अध्ययन करेंगे।
इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थी आलोचनात्मक/तर्क शैली की समझ विकसित करेंगे और अपने विचारों को सुसंगत रूप में व्यवस्थित कर सकेंगे।
निर्धारित विषय :
- सम्बंधित सामग्री का अध्ययन एवं आलोचनात्मक विश्लेषण
- विभिन्न दृष्टिकोणों का तुलनात्मक अवलोकन
- विचारों के सुसंगठित प्रस्तुतीकरण के विभिन्न आयामों का अध्ययन
सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-
- शोध प्रविधि, डॉ.विनयमोहन शर्मा, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली https://dn790008.ca.archive.org/0/items/in.ernet.dli.2015.273603/2015.273603.Shodh-Pravidhi.pdf
- शोध सामग्री विश्लेषण https://egyankosh.ac.in/bitstream/123456789/30593/1/Unit-23.pdf
माड्यूल 4 : संगोष्ठी पत्र : लेखन प्रक्रिया के विविध चरण
इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थी संगोष्ठी पत्र के अकादमिक लेखन की प्रक्रियाओं से परिचित होंगे। इसमें भाषा एवं शैली की उपयुक्तता पर ध्यान देते हुए विषयानुकूल उदाहरणों तथा संदर्भों के प्रभावी प्रयोग की समझ भी विकसित की जाएगी। साथ ही, विद्यार्थी साहित्यिक चोरी से बचाव के सिद्धांतों को समझेंगे और स्रोतों के उचित उल्लेख का अभ्यास करेंगे। इसके अतिरिक्त, लेखन के पश्चात् ड्राफ्ट के संशोधन एवं परिष्करण की प्रक्रिया पर बल दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी अपने संगोष्ठी पत्र को अधिक स्पष्ट, सुसंगत और परिपक्व रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम हो सकें।
निर्धारित विषय :
- संगोष्ठी पत्र की भाषा शैली (भूमिका, मुख्य पत्र, निष्कर्ष आदि)
- विषय के अनुरूप उदाहरणों का प्रयोग/संदर्भ का प्रयोग
- साहित्यिक चोरी से बचाव
- संशोधन एवं परिष्करण की प्रकिया
सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :-
- हाउ टू राईट ए सेमिनार पेपर https://sl1nk.com/rpc4hdy
- विश्व में साहित्यिक चोरी, आलेख, भावना गुप्ता https://l1nq.com/gpyh5mn
- साहित्यिक चोरी - https://egyankosh.ac.in/bitstream/123456789/111907/3/Unit-15.pdf
- https://youtu.be/oFHoWpXv_e4?si=bG5X6Lm4dpHFSuTp
- संदर्भ देने की पद्धति - https://sl1nk.com/olmncoc
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
- Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
- Midterm Exam/PPT/Assignment/Project-2 (25 Marks)
- End Term Exam (50 Marks)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली