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पर्यावरण और आधुनिक हिन्दी साहित्य

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Elective NSOL1DS007 4

Course Coordinator(s) :    डॉ.निकिता जैन,डॉ.सुनील कुमार यादव

1. Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No

2. Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

3. No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

4. Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

5. How does the course link with the vision of AUD?

“पर्यावरण और आधुनिक हिंदी साहित्य” पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता, समालोचनात्मक चिंतन एवं अंतःविषयक अध्ययन की दृष्टि के अनुरूप है। यह विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, नैतिक जागरूकता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करता है। साथ ही, साहित्य के माध्यम से पर्यावरणीय मुद्दों की समझ विकसित कर उन्हें सृजनात्मक एवं शोधपरक अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित करता है, जो विश्वविद्यालय की समग्र शिक्षा की अवधारणा के अनुरूप है।

6. How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?

“पर्यावरण और आधुनिक हिंदी साहित्य” पाठ्यक्रम हिंदी अध्ययन के कार्यक्रमों (जैसे बी.ए./एम.ए. हिंदी) से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है। यह विद्यार्थियों को साहित्यिक अध्ययन के साथ-साथ समकालीन पर्यावरणीय विमर्शों की समझ प्रदान करता है, जिससे उनकी विश्लेषणात्मक एवं आलोचनात्मक क्षमता विकसित होती है। यह पाठ्यक्रम भाषा, साहित्य, समाज और पर्यावरण के अंतःसम्बन्धों को स्पष्ट करते हुए विद्यार्थियों को सृजनात्मक लेखन, शोध एवं व्यावहारिक अभिव्यक्ति की दिशा में सक्षम बनाता है, जो कार्यक्रम के समग्र उद्देश्यों के अनुरूप है।

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

हिंदी साहित्य में आदिकाल से ही प्रकृति को लेकर कवियों और लेखकों का एक अलग दृष्टिकोण रहा है। आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक के साहित्य पर एक सरसरी निगाह डालें तो यह कहना गलत न होगा कि अधिकतम साहित्यकारों ने प्रकृति को अपनी रचनाओं के माध्यम से एक विशिष्ट स्थान प्रदान किया है और मनुष्य एवं प्रकृति का जो प्रगाढ़ सम्बन्ध है उसे सूक्ष्मता से व्याख्यायित किया है। लेकिन साहित्यकारों का कार्य केवल प्रकृति के सौंदर्य को रचना के माध्यम से अभिव्यक्त करना ही है? मनुष्य और पर्यावरण के बीच जो अंत:सम्बन्ध है उसे बनाए रखने के लिए आज का मनुष्य पर्यावरण के प्रति अपने सभी कर्तव्यों का निर्वाह कर पा रहा है? अपने स्वार्थ के कारण मानव जिस प्रकार पर्यावरण को नुकसान पंहुचा रहा है उसे साहित्य में किस प्रकार विभिन्न विधाओं के माध्यम से रेखांकित किया गया है या किया जा रहा है,यही प्रस्तावित पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। वर्तमान समय में केवल भारत पर ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पर्यावरणीय संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस संकट उबरने के लिए क्या - क्या योजनाएं चलाई जा रही हैं, पर्यावरण संरक्षण हेतु कौन- कौन सी नीतियों को लागू किया जा रहा है इन सभी पहलुओं का अध्ययन प्रस्तावित पाठ्यक्रम में अपेक्षित रहेगा।

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

  • विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य के माध्यम से पर्यावरण की अवधारणा, स्वरूप एवं उसके विविध आयामों से परिचित कराना।
  • विद्यार्थियों को पर्यावरण से संबंधित ऐतिहासिक आंदोलनों और जनचेतना के स्वरूप से परिचित कराना ।
  • पर्यावरण और साहित्य के अंतःसम्बन्ध को स्पष्ट करते हुए उसकी समकालीन प्रासंगिकता पर विचार करने की क्षमता विकसित करना।
  • विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व-बोध का विकास करना।
  • पर्यावरण विषयक मुद्दों पर सृजनात्मक लेखन एवं अभिव्यक्ति के कौशल को प्रोत्साहित करना।

Course Outcomes:  

  • CO1:विद्यार्थी हिंदी साहित्य के माध्यम से पर्यावरण के विभिन्न आयामों एवं उसकी अवधारणा को समझ सकेंगे।
  • CO2:विद्यार्थी पर्यावरण विमर्श के स्वरूप एवं अन्य समकालीन विमर्शों के साथ उसके संबंधों को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • CO3:विद्यार्थी पर्यावरण से जुड़े ऐतिहासिक आंदोलनों एवं उनसे संबंधित सामाजिक चेतना का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • CO4:विद्यार्थी पर्यावरण और साहित्य के अंत:सम्बन्ध का विवेचन करते हुए उसकी प्रासंगिकता का मूल्यांकन कर सकेंगे।
  • CO5:विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सृजनात्मक लेखन (कविता, कहानी आदि) कर सकेंगे।
  • CO6:विद्यार्थी पर्यावरण संबंधी विषयों पर अपने विचारों को लिखित एवं मौखिक रूप में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकेंगे

Modules and Readings 

मॉड्यूल- 1 (Lecture Hours = 16)    पर्यावरण और साहित्य : सैद्धांतिक पक्ष 

प्रस्तावित पाठ्यक्रम का प्रथम मॉड्यूल मुख्य रूप से ‘पर्यावरण’ के अर्थ, अवधारणा और स्वरुप पर केंद्रित रहेगा। इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को पर्यावरण के मुख्य सिद्धांत, महत्व से परिचित कराते हुए वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट को लेकर विश्व के सामने जो चुनौतियाँ खड़ी हैं उनके से भी रूबरू कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही साहित्य और पर्यावरण का क्या अंत: सम्बन्ध क्या है,आदिकाल से लेकर आधुनिक काल तक हिंदी साहित्य में पर्यावरणीय चेतना किस रूप में परिलक्षित होती है, इन पहलुओं  का अध्ययन भी प्रस्तुत खंड में अपेक्षित रहेगा। 

निर्धारित विषय : 

  • पर्यावरण : अर्थ, अवधारणा, महत्व 
  • पर्यावरण : विविध सिद्धांत 
  • पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी : वर्तमान चुनौतियाँ, संरक्षण 
  • पर्यावरण और हिंदी साहित्य का अंत: सम्बन्ध

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें  :- 

  • पर्यावरण के पाठ, अनुपम मिश्रा, राजकमल प्रकाशन, दिल्ली 
  • पर्यावरण और पारिस्थितकी, कक्षा 8 से 12, NCERT 
  • साहित्य और पर्यावरण, संपा - डॉ. शोभा कौर, अकैडमिक पब्लिकेशन, 2023.
  • साहित्य में पर्यावरण - विमर्श, डॉ. घनश्याम भारती, डॉ, ओकेंद्र, डॉ.राकेश सिंह रावत
  • पर्यावरण की अवधारणा, सिद्धांत, पारिस्थितिकी https://www.uprtou.ac.in/other_pdf/12122024_DCGO_104.pdf 

माड्यूल 2 (Lecture Hours =16 Hours) आधुनिक हिंदी कविता : पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य

प्रस्तुत मॉड्यूल प्रमुख रूप से आधुनिक हिंदी कविता में पर्यावरणीय चेतना किस प्रकार परिलक्षित हुई है उस पर आधारित होगा। हिंदी साहित्य में आदिकाल से ही प्रकृति सौंदर्य के प्रति रचनाकारों का एक खास प्रकार का आकर्षण रहा है जिसे उन्होंने समय - समय पर कई तरह से प्रदर्शित भी किया है लेकिन आधुनिक युग के कवि प्रकृति को केवल सौंदर्य के आधार पर विवेचित नहीं करते। वर्तमान में प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया जा रहा है, जो समस्या उत्पन्न हो रही हैं उन्हीं को आधार बनाकर कवियों ने पर्यावरण संकट से जनता को रूबरू कराने की कोशिश की है। प्रस्तुत मॉड्यूल में ऐसे ही चुनिंदा कवियों की रचनाओं को शामिल किया गया है जिन्होंने पर्यावरण संकट को साहित्य के माध्यम से एक नये रूप में प्रस्तुत करते हुए जनता को जागरूक करने का प्रयास किया है - 

निर्धारित विषय:  (कोई छह)

  • सतपुड़ा के जंगल - भवानी प्रसाद मिश्र 
  • नागार्जुन - वरुण के बेटे 
  • सर्वेश्वर दयाल सक्सेना -भेड़िया 
  • रघुवीर सहाय - वसंत आया, पानी - पानी,अकाल 
  • कुंवर नारायण - एक वृक्ष की हत्या 
  • लीलाधर जगूड़ी - पनघट पर भगीरथ 
  • केदारनाथ अग्रवाल - बसंती हवा /युग की गंगा 
  • केदारनाथ सिंह – अकाल में दूब/पानी की प्रार्थना

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-

माड्यूल 3 (Lecture Hours =16 hours ) हिंदी कथा साहित्य एवं अन्य गद्य विधाएं : पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य

प्रस्तुत मॉड्यूल में हिंदी उपन्यासों और कहानियों में चित्रित पर्यावरणीय चेतना के विभिन्न संदभोँ का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा ताकि विद्यार्थी रोचक कथाओं के द्वारा पर्यावरण सम्बन्धी मुद्दों से परिचित हो सकें। 

निर्धारित विषय :

  • हिंदी कहानी और पर्यावरणीय चेतना 
  • जंगलजातकम - काशीनाथ सिंह 
  • आभी - एस. आर हारनोट 
  • खारा पानी – जयश्री
  • हिंदी उपन्यास और पर्यावरणीय चेतना (कोई एक) 
  • अनबीता व्यतीत - कमलेश्वर 
  • मरंग गोड़ा नीलकंठ हुआ - महुआ मांझी 
  • डूब - वीरेंद्र जैन 
  • ग्लोबल गाँव का देवता- रणेंद्र 
  • परती परिकथा - फणीश्वरनाथ रेणु
  • हिंदी नाटक: चिमनी चोगा - राजेश जैन 
  • यात्रा वृत्त:  सौंदर्य की नदी नर्मदा - अमृतलाल वेगड़
  • रिपोतार्ज: ऋणजल -धनजल : फणीश्वरनाथ रेणु 


सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :- 

माड्यूल 4 (Lecture Hours =16 )

प्रस्तुत मॉड्यूल में साहित्य से इतर पर्यावरणविदों ने जिन विशेष आंदोलनों को द्वारा आरम्भ किया, उनका विस्तृत अध्ययन भी इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त हिंदी सिनेमा में पर्यावरण को केंद्र में रखकर जिन फिल्मों का निर्माण हुआ है उनमें से चुनिंदा फिल्मों का अध्ययन भी प्रस्तावित पाठ्यक्रम में अपेक्षित रहेगा। 

निर्धारित विषय :- 

  • प्रमुख पर्यावरणविदों के विचार (कोई एक)
  • सुन्दरलाल बहुगुणा - धरती की पुकार (चुनिंदा अंश ) 
  • मेधा पाटकर - नर्मदा आंदोलन और आगे (चुनिंदा अंश) 
  • सुनीता नारायण - पर्यावरण की राजनीति (चुनिंदा अंश) 

पर्यावरण पर आधारित फ़िल्में (कोई दो)

  • कड़वी हवा – 2017
  • हल्का – 2018
  • शेरनी – 2021
  • मानस एंड पीपल - 2022

सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :- 

  • धरती की पुकार -  https://short-url.cc/1FIOX 
  • कडवी हवा  https://share.google/GLw3RkcB7ImqDwiMX 
  • हल्का  https://share.google/R7snLxRsPZFdsfeb2 
  • शेरनी – अमज़ोन प्राइम 

Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
  • Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
  • End Term Exam (50 Marks)
     
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