| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NSOL1DS006 | 4 |
Course Coordinator(s) : डॉ.अनंत विजय पालीवाल
1. Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
2. Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)
3. No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
4. Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
5. How does the course link with the vision of AUD?
6. How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)
प्रेमचंद का नाम उन महत्वपूर्ण रचनाकारों में शुमार है, जिसने हिंदी साहित्य को विशेषकर हिंदी कथा साहित्य को एक निश्चित दिशा प्रदान की। प्रेमचंद ने तत्कालीन समाज की समस्याओं का चित्रण कर लोगों को अपने साहित्य से जोड़ने का कार्य किया। उनके द्वारा लिखित साहित्य में उस दौर के समाज - सुधार आंदोलनों, स्वतंत्रता आंदोलन,गरीब श्रमिक,किसान एवं स्त्री जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का सशक्त चित्रण मिलता है। यही कारण है कि हिंदी साहित्य में प्रेमचंद का पदार्पण युगान्तकारी महत्व रखता है।
प्रस्तावित पाठ्यक्रम प्रेमचंद के साहित्य पर आधारित है। प्रस्तुत पाठ्यक्रम में प्रेमचंद के उपन्यास, कहानी, निबंध एवं नाटक का अध्ययन कराया जाएगा ताकि विद्यार्थी प्रेमचंद द्वारा रचित विभिन्न गद्य विधाओं से गहराई से परिचित हो सकें और वर्तमान सन्दर्भ में इनके द्वारा लिखे गए साहित्य को एक नई दृष्टि से विवेचित करने की समझ विकसित कर सकें।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
- प्रेमचंद जैसे विराट साहित्यकार से विद्यार्थिओं का साक्षात्कार कराना.
- प्रेमचंद के साहित्य् में अभिव्यक्त विभिन्न विमर्शों से परिचित कराना.
- प्रेमचंद के जरिये कथा साहित्य की आधारभूमि से परिचित कराना.
- प्रेमचंद के साहित्य के जरिये तत्कालीन समाज सुधार और क्रांतिकारी आंदोलनों की यथार्थ भावभूमि से परिचित कराना.
- प्रेमचंद के आलोचनात्मक पहलू से विद्यार्थिओं को रूबरू कराना.
Course Outcomes: Course Outcomes describe what students are expected to know and be able to do by the end of a specific course. Each CO should be clearly observable and measurable. Mention 4-6 course outcomes. At the end of the course, students will be able to:
- CO1: विद्यार्थी प्रेमचंद के समग्र साहित्य से परिचित हो पाएंगे।
- CO2: विद्यार्थी प्रेमचंद के जीवन से जुड़े हुए महत्वपूर्ण प्रसंगों से परिचित होते हुए उनकी साहित्यिक यात्रा पर गहनता से विचार कर पाएंगे।
- CO3: विद्यार्थी प्रेमचंद के साहित्य में अभिव्यक्त सामाजिक, राजनीति, सांस्कृतिक आदि परिस्थितियों को गहराई से विश्लेषित कर पाएँगे।
- CO4: विद्यार्थी हिंदी साहित्य की एक प्रमुख विधा कथा साहित्य को प्रेमचंद की रचनाओं के माध्यम से भली-भाँती समझ सकेंगे
- CO5: विद्यार्थी साहित्य के उद्देश्य और राष्ट्रभाषा जैसे प्रमुख मुद्दों पर प्रेमचंद के आलोचनात्मक दृष्टिकोण से परिचित हो सकेंगे.
- CO6: विद्यार्थी प्रेमचंद के साहित्य के जरिये तत्कालीन राष्ट्रीय आन्दोलन के यथार्थ स्वरुप से परिचित हो सकेंगे.
मॉड्यूल 1 (Lecture Hours =16)
प्रस्तावित पाठ्यक्रम की प्रथम इकाई प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित है । इस इकाई के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रेमचंद के जीवन के कुछ महत्वपूर्ण प्रसंगों द्वारा उनकी साहित्यिक यात्रा से रूबरू कराने की कोशिश की जाएगी। प्रेमचंद हिंदी के उन बहुआयामी रचनाकारों में से एक हैं जिनकी कलम लगभग साहित्य की हर विधा के लिए समर्पित रही है। कथा - सम्राट नाम से मशहूर प्रेमचंद ने नाटक, निबंध आदि की भी रचना की है। इसके अतिरिक्त प्रेमचंद एक कुशल संपादक एवं अनुवादक भी रहे हैं। प्रस्तुत इकाई में विद्यार्थियों को प्रेमचंद के समग्र साहित्य से परिचित कराया जाएगा ताकि हिंदी साहित्य में प्रेमचंद की प्रासंगिकता को सही मायनों में समझ सकें।
निर्धारित पाठ:
- प्रेमचंद का व्यक्तित्व एवं कृतित्व
- प्रेमचंद की साहित्यिक दृष्टि
सहायक पाठ्य सामग्री :
- प्रेमचंद और उनका युग, डॉ. रामविलास शर्मा,राजकमल प्रकाशन, संस्करण -2008.
- प्रेमचंद - रचना संकलन, साहित्य अकादेमी (भारत सरकार), नई दिल्ली, 1994
माड्यूल 2
प्रस्तुत इकाई में मुख्य रूप से प्रेमचंद के उपन्यास एवं कहानियों पर केंद्रित है। हिंदी कथा साहित्य का विश्लेषण प्रेमचंद के बिना अधूरा है उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी कहानी एवं उपन्यास को एक नया आधार प्रदान किया तथा समकालीन सामाजिक समस्याओं को विशद रूप में चित्रित किया है। प्रस्तुत इकाई में प्रेमचंद के एक उपन्यास 'सेवासदन' एवं छ: कहानियों का अध्ययन अपेक्षित रहेगा।
प्रेमचंद का कथा साहित्य
निर्धारित पाठ
उपन्यास
- सेवसादन
कहानियाँ - कोई छ:
- पंच-परमेश्वर
- खून सफ़ेद
- नमक का दारोगा
- कजाकी
- जुलूस
- मनोवृत्ति
- नशा
- दो बैलों की कथा
- ठाकुर का कुआँ
- यही मेरा वतन
सहायक पाठ्य सामग्री:
- प्रेमचंद के उपन्यासों का शिल्प विधान, कमलकिशोर गोयनका,1974.
- सेवासदन, प्रेमचंद, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली।
- प्रेमचंद - कहानी रचनावली (6 खंड), कमलकिशोर गोयनका, 2010
माड्यूल 3 (Lecture Hours = 16)
प्रस्तुत इकाई प्रेमचंद के कथेतर साहित्य पर केंद्रित है जिसके अंतर्गत मुख्य रूप से दो विधाओं 'नाटक' एवं 'निबंधात्मक लेखों' को शामिल किया है। इस इकाई के माध्यम से विद्यार्थी प्रेमचंद के साहित्य सम्बन्धी स्वतंत्र विचारों से परिचित हो सकेंगे। प्रेमचंद के साहित्यिक अवदान और साहित्यिक विचारों को लेकर हो रही बहसों के बीच प्रेमचंद के मौलिक विचारों से भी विद्यार्थी परिचित हो सकेंगे।
निर्धारित पाठ:- नाटक
- संग्राम
निबंधात्मक लेख
- साहित्य का उद्देश्य
- राष्ट्रभाषा हिंदी और उसकी समस्याएं
सहायक पाठ्य सामग्री:
- कुछ विचार(भाग-1 साहित्य और भाषा सम्बन्धी), प्रेमचंद, सरस्वती प्रेस, बनारस, तृतीय संस्करण - 1945.
माड्यूल 4 (Lecture Hours 16) प्रायोगिक कार्य
प्रस्तुत मॉड्यूल में प्रेमचंद के नाटक ,कहानी अथवा उपन्यास के चुनिंदा अंश की नाट्य प्रस्तुति व मंचन करने का प्रावधान होगा। इसका उद्देश्य साहित्यिक पाठ को प्रदर्शनात्मक माध्यम में रूपांतरित करते हुए विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल और सामूहिक कार्य क्षमता का विकास करना है।
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
- Response Essay (25 Marks)
- Midterm Exam (25 Marks)
- End Term Exam (50 Marks)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली