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हिन्दी निबन्ध एवं अन्य गद्य विधाएँ

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core NSOL1HN107 4

Course Coordinator(s)  डॉ.निकिता जैन

Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No 

Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

How does the course link with the vision of AUD? 

How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered? 
 

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

नवजागरण व उसके साथ विकसित होती आधुनिकता ने हिंदी में गद्य पर्व का विकास किया। जनता की चित्तवृत्ति बदल रही थी, इसका असर साहित्य पर पड़ना अवश्यम्भावी था। हिंदी के बहुविध विस्तार के उस दौर में पुरानी परम्पराओं का नवीनीकरण हुआ और उन्हें समकालीन बनाया गया। इन्हीं आलोड़नों (अंदरूनी हलचलों) के बीच रचनात्मक गद्य की विभिन्न विधाएँ सामने आयीं। कथा साहित्य के अलावा निबंध, आत्मकथा, संस्मरण, रिपोर्ताज, जीवनी, रेखाचित्र, यात्रा वृत्तांत जैसी नाना विधाएँ साहित्य के परिसर में फलने-फूलने लगीं।  प्रस्तावित पाठ्यक्रम इन्हीं कथेतर [उपन्यास-कहानी के अतिरिक्त] रचनात्मक गद्य विधाओं पर केंद्रित है। 

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

  • विद्यार्थियों को हिन्दी निबंध तथा अन्य प्रमुख गद्य-विधाओं की परंपरा, विकास एवं रचना-भंडार से परिचित कराना। 
  • विद्यार्थियों में विभिन्न गद्य-विधाओं के स्वरूप, विशेषताओं एवं उनके अंतर्संबंधों की समझ विकसित करना। 
  • विद्यार्थियों को गद्य-विधाओं के ऐतिहासिक एवं सामाजिक संदर्भों में उनके विकास एवं प्रवृत्तियों से अवगत कराना। 
  • विद्यार्थियों में हिन्दी निबंध तथा अन्य गद्य-विधाओं के आलोचनात्मक अध्ययन एवं मूल्यांकन की क्षमता विकसित करना।

Course Outcomes:  Course Outcomes describe what students are expected to know and be able to do by the end of a specific course. Each CO should be clearly observable and measurable. Mention 4-6 course outcomes.  At the end of the course, students will be able to:

 

  • CO1: विद्यार्थी निबंध तथा अन्य प्रमुख गद्य-विधाओं का परिचय प्राप्त कर सकेंगे।
  • CO2: विद्यार्थी विभिन्न गद्य-विधाओं के स्वरूप, विशेषताओं एवं उनके अंतर्संबंधों को समझ सकेंगे।
  • CO3: विद्यार्थी गद्य-विधाओं की रचनात्मक परंपरा के उद्भव एवं विकास को समझ सकेंगे।
  • CO4: विद्यार्थी विभिन्न गद्य-रचनाओं का आलोचनात्मक विश्लेषण कर सकेंगे।
  • CO5: विद्यार्थी गद्य-विधाओं के ऐतिहासिक एवं सामाजिक संदर्भों में उनके महत्व का विवेचन कर सकेंगे।
  • CO6: विद्यार्थी निबंध एवं अन्य गद्य-विधाओं के अध्ययन के आधार पर स्वतंत्र एवं तर्कपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत कर सकेंगे।

 Modules and Readings

In this section, provide the name of the modules along with a brief description and references (Core and Suggested)

 मॉड्यूल – 1  हिन्दी निबंध का उद्भव एवं विकास  

यह माड्यूल हिंदी निबंध की परिभाषा व विकास का अध्ययन करते हुए प्रमुख निबंधकारों के परिचय व उनके प्रतिनिधि पाठ का आलोचनात्मक विश्लेषण पर केन्द्रित होगा। निबंध विधा की रूप-बहुलता का अध्ययन करते हुए विद्यार्थी इस माड्यूल में कथ्य और चिंतन के स्तर पर हिंदी निबंध के विकास को भी समझ सकेंगे।

निर्धारित विषय : (कोई चार निबंध)

  • निबंध का परिचय, उद्भव एवं विकास  
  • दिल्ली दरबार दर्पण – भारतेंदु हरिश्चंद्र
  • शिवमूर्ति- प्रतापनारायण मिश्र
  • आत्मनिर्भरता: बालकृष्ण भट्ट 
  • शिवशम्भु के चिट्ठे [कोई एक]: बालमुकुंद गुप्त 
  • लोकमंगल की साधनावस्था: रामचंद्र शुक्ल
  • नाख़ून क्यों बढ़ते हैं : हज़ारी प्रसाद द्विवेदी
  • मेरे राम का मुकुट भीग रहा है : विद्यानिवास मिश्र
  • मजदूरी और प्रेम : अध्यापक पूर्ण सिंह 
  • उत्तर फाल्गुनी के आस-पास: कुबेरनाथ राय

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें  :-

  • हिंन्दी निबंध, प्रभाकर माचवे, राजकमल प्रकाशन, संस्करण – 1955  https://ia903204.us.archive.org/26/items/in.ernet.dli.2015.483194/2015.483194.HINDI-NIBANDH.pdf
  •  कुबेरनाथ राय - https://www.hindwi.org/essay/uttraphalguni-ke-asapas-kubernath-ray-essay
  • हजारी प्रसाद द्विवेदी - https://www.hindwi.org/essay/nakhun-kyon-badhte-hain-hajariprasad-dwivedi-essay
  • भारतेंदु - https://www.hindwi.org/essay/dilli-darbar-darpan-the-delhi-assembleghe-memorandum-bharatendu-harishchandra-essay
  • प्रताप नारायण मिश्र -https://hindisarang.com/shivmurti-nibandh-pratap-narayan-mishra/ 

मॉड्यूल 2 : आत्मकथा और जीवनी 

प्रस्तुत माड्यूल आधुनिक काल में उपजी विधा आत्मकथा और जीवनी पर केंद्रित होगा। हिंदी में आत्मकथा लेखन की पृष्ठभूमि व उसके सतत विकास की प्रक्रियाओं का अध्ययन करते हुए विद्यार्थी स्वाधीनता पूर्व भारत में लिखी गयी महत्वपूर्ण आत्मकथा अपनी खबर पढ़ेंगे जिसमें ग़रीबी और सांस्कृतिक पिछड़ेपन को आधार बनाया गया है। आज़ाद भारत में अस्मिता विमर्श के उभार के साथ दलित और स्त्री आत्मकथाओं ने साहित्य को देखने के मानदंड बदल दिए हैं। इस माड्यूल में हम अस्मिता विमर्श को आगे बढ़ाने वाली कई चर्चित आत्मकथाओं का अध्ययन करेंगे। आत्मकथा से जीवनी का अंतर प्रतिपादित करते हुए यह माड्यूल हिंदी में जीवनी लेखन के इतिहास पर भी चर्चा करेगा |

निर्धारित विषय:  
आत्मकथा: (कोई एक )

  • अपनी खबर: उग्र 
  • आपहुदरी : रमणिका गुप्ता
  • मुर्दहिया: तुलसीराम 
  • शिकंजे का दर्द: सुशीला टाकभौरे 

जीवनी: (कोई एक) 

  • आवारा मसीहा: विष्णु प्रभाकर
  • कलम का सिपाही (चुनिन्दा अंश) – अमृत राय 

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-

  • अपनी खबर : https://www.scribd.com/doc/169958649/Apni-Khabar-Pandey-Bechan-SHarma-Ugra 
  • शिकंजे का दर्द : परिचय  https://me-l.co/er1o66iy 
  •  मुर्दहिया : दलित संस्कृति की भाषा  https://www.allstudyjournal.com/article/245/2-3-139-186.pdf 
  • कलम का सिपाही - https://ia601408.us.archive.org/24/items/in.ernet.dli.2015.480120/2015.480120.Kalam-ka.pdf

माड्यूल 3: रेखाचित्र एवं संस्मरण

यह माड्यूल  रेखाचित्र और संस्मरण पर केंद्रित होगा। विद्यार्थी इस माड्यूल में इन विधाओं के उद्भव, विकास और परस्पर सम्बन्धों का अध्ययन करते हुए चुनिंदा पाठों का आलोचनात्मक विश्लेषण कर सकने में सक्षम हो सकेंगे।

निर्धारित विषय :

  • रेखाचित्र एवं संस्मरण (कोई दो)
  • रेखाचित्र और संस्मरण का स्वरुप, विकास,विशेषताएं 
  • स्मृति की रेखाएं (ठकुरीबाबा) महादेवी वर्मा 
  • माटी की मूरतें (अंश) – रामबृक्ष बेनी पुरी 
  • महाकवि जयशंकर प्रसाद – शिवपूजन सहाय 
  • ये हैं प्रोफेसर शशांक – विष्णुकान्त शास्त्री

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :- 

  • ठकुरी बाबा -  https://me-l.co/ykm5kcpm 
  • माटी की मूरतें - https://www.hindwi.org/ebooks/mati-ki-murten-ebooks
  • ये हैं प्रोफ़ेसर शशांक -https://www.hindwi.org/article/smran-ko-pathey-banne-do-vishnukant-shastri-article

माड्यूल 4  : अन्य गद्य विधाएं 

यह मॉड्यूल यात्रा-वृत्तांत, व्यंग्य, रिपोर्ताज आदि गद्य-विधाओं पर केंद्रित होगा। इसके अंतर्गत विद्यार्थी इन विधाओं के उद्भव, विकास तथा उनके परस्पर संबंधों का अध्ययन करेंगे और चयनित पाठों के माध्यम से उनका आलोचनात्मक विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।इस संदर्भ में  ‘ऋणजल-धनजल’ 1966 के दक्षिणी बिहार के सूखे तथा 1975 की बाढ़ की परिस्थितियों का प्रत्यक्ष एवं मार्मिक विवरण देता है।
इस प्रकार यह मॉड्यूल विद्यार्थियों को विभिन्न गद्य-विधाओं के स्वरूप, उनके सामाजिक संदर्भ तथा वैचारिक आयामों को समग्र रूप में समझने की दृष्टि प्रदान करेगा।
निर्धारित विषय :

यात्रा वृत्तान्त (कोई एक)

  • अरे यायावर रहेगा याद [अंश]: अज्ञेय 
  • मेरी तिब्बत यात्रा [अंश]: राहुल सांकृत्यायन

रिपोर्ताज : (कोई एक) 

  • ऋणजल-धनजल [अंश] : रेणु  
  • तूफानों के बीच [अंश]: रांगेय राघव

व्यंग्य : (कोई एक)

  • जामुन का पेड़ – कृष्णचंदर
  • प्रेमचंद के फटे जूते [अंश]: हरिशंकर परसाई                

सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :-

  • जामुन का पेड़  https://www.rekhta.org/stories/jaamun-ka-ped-krishn-chander-stories?lang=hi
  • ऋणजल -धनजल https://ia601901.us.archive.org/13/items/in.ernet.dli.2015.552136/2015.552136.Rinajal-Dhanjal_text.pdf
  •  तूफानों के बीच :https://epustakalay.com/book/6111-toofano-ke-beech-by-rangeya-raghav/ 
  • अरे यायावर रहेगा याद : https://www.hindwi.org/ebooks/are-yayavar-rahega-yaad-ebooks 

Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
  • Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
  • End Term Exam (50 Marks
     
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