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हिन्दी उपन्यास

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core NSOL1HN108 4

Course Coordinator(s) डॉ.निकिता जैन, डॉ. सुनील कुमार यादव

Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No 

Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

How does the course link with the vision of AUD? 

यह पाठ्यक्रम डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली की समावेशी, आलोचनात्मक एवं अंतर्विषयी शैक्षणिक दृष्टि के अनुरूप निर्मित है। हिन्दी उपन्यास के अध्ययन के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय समाज, संस्कृति, इतिहास तथा समकालीन जीवन के विविध आयामों को समझने की दृष्टि विकसित कर सकेंगे। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, सामाजिक संवेदनशीलता तथा साहित्यिक विवेक का विकास करते हुए उन्हें लोकतांत्रिक एवं मानवीय मूल्यों के प्रति सजग बनाएगा। 

How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered? 

यह पाठ्यक्रम हिन्दी साहित्य की प्रमुख विधा ‘उपन्यास’ के स्वरूप, विकास, प्रवृत्तियों एवं वैचारिक पक्षों की समझ विकसित करने में सहायक है। इसके माध्यम से विद्यार्थी साहित्यिक पाठों का विश्लेषण, व्याख्या एवं आलोचनात्मक मूल्यांकन कर सकेंगे। साथ ही, यह पाठ्यक्रम हिन्दी साहित्य को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक संदर्भों में समझने की दृष्टि प्रदान करते हुए भाषा, लेखन एवं अकादमिक अभिव्यक्ति संबंधी दक्षताओं के विकास में भी सहायक होगा

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

  • हिन्दी उपन्यास की अवधारणा, स्वरूप एवं विकास-क्रम से विद्यार्थियों को परिचित कराना।
  • हिन्दी उपन्यास की विभिन्न प्रवृत्तियों, शिल्पगत विशेषताओं तथा वैचारिक पक्षों की समझ विकसित करना।
  • उपन्यासों के माध्यम से भारतीय समाज, संस्कृति, इतिहास एवं समकालीन जीवन के विविध आयामों का अध्ययन कराना।
  • विद्यार्थियों में साहित्यिक पाठों के विश्लेषण, व्याख्या एवं आलोचनात्मक मूल्यांकन की क्षमता विकसित करना।
  • हिन्दी उपन्यास के प्रमुख रचनाकारों एवं उनकी रचनात्मक दृष्टि से विद्यार्थियों को अवगत कराना।
  • विद्यार्थियों में साहित्यिक संवेदनशीलता, आलोचनात्मक चिंतन तथा अकादमिक अभिव्यक्ति की दक्षता विकसित करना।

Course Outcomes:  

  • CO1: विद्यार्थी हिंदी उपन्यास के इतिहास, स्वरूप एवं विकास-क्रम की प्रमुख विशेषताओं को समझ सकेंगे।
  • CO2: विद्यार्थी विभिन्न कालखंडों के हिंदी उपन्यासों का अध्ययन करते हुए उनके सामाजिक एवं ऐतिहासिक संदर्भों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • CO3: विद्यार्थी उपन्यासों के माध्यम से भारतीय समाज में आए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक परिवर्तनों को पहचान सकेंगे।
  • CO4: विद्यार्थी स्वातंत्र्योत्तर भारतीय समाज की प्रमुख समस्याओं एवं चुनौतियों की अभिव्यक्ति को हिंदी उपन्यासों के संदर्भ में समझ सकेंगे।
  • CO5: विद्यार्थी हिंदी उपन्यासों में उभरने वाली नई विचार-दृष्टियों, विमर्शों एवं वैचारिक प्रवृत्तियों का आलोचनात्मक अध्ययन कर सकेंगे।
  • CO6: विद्यार्थी हिंदी उपन्यासों के अध्ययन के माध्यम से साहित्यिक विश्लेषण, व्याख्या एवं आलोचनात्मक दृष्टि का विकास कर सकेंगे।

Modules and Readings

मॉड्यूल – 1 :  हिंदी उपन्यास का स्वरुप एवं विकास

इस माड्यूल के अंतर्गत हिंदी उपन्यास के उदय और उसके इतिहास पर चर्चा करते हुए हिंदी के पहले उपन्यास को लेकर विद्वानों के बीच जो मतभेद हैं उस पर भी विद्यार्थियों का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा | इसके साथ ही प्रस्तावित मॉड्यूल में उपन्यासों के विकासक्रम को दृष्टिगत रखते हुए स्वतंत्रता पूर्व एवं स्वतंत्रता पश्चात् लिखे गए उपन्यासों के शिल्प पर विस्तार से चर्चा की जाएगी ताकि विद्यार्थी प्रारंभिक चरण से लेकर स्वातंत्र्योत्तर तक हिंदी उपन्यास यात्रा में जो परिवर्तन परिलक्षित होते हैं उनसे भलीभांति परिचित हो सकें | 

निर्धारित विषय : 

  • उपन्यास की अवधारणा एवं स्वरुप
  • हिंदी उपन्यास का संक्षिप्त इतिहास 
  • हिंदी उपन्यास का विकासक्रम 
  • हिंदी उपन्यास का शिल्पगत वैशिष्ट्य 


सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें  :- 

  • उपन्यास का उद्भव एवं विकास  https://www.gbcramgarh.in/e-learning-study-materials/HINDI/upanyas.pdf 
  • हिंदी उपन्यास का इतिहास – गोपाल राय, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2000.
  • उपन्यास की संरचना, गोपाल राय, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2006
  • हिंदी उपन्यास का विकास- मधुरेश, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2014
  • हिंदी उपन्यास का विकास- मधुरेश, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2014
  • हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास- बच्चन सिंह, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली, 2018
  • उपन्यास और लोक जीवन – राल्फ फाक्स, पीपुल्स पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली,1957
  • उपन्यास का उदय – आयन वाट, हरियाणा साहित्य अकादमी, 1990

मॉड्यूल 2 : हिन्दी उपन्यास का आरंभिक काल

इस मॉड्यूल में हिन्दी उपन्यास के आरंभिक विकास, उसकी पृष्ठभूमि तथा प्रारंभिक प्रवृत्तियों का अध्ययन किया जाएगा। उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हिंदी गद्य के विकास, नवजागरण, औपनिवेशिक प्रभाव, मुद्रणालयों की स्थापना तथा बंगला और अंग्रेज़ी साहित्य के प्रभाव ने हिंदी उपन्यास लेखन की आधारभूमि तैयार की। इस काल के उपन्यासों में सामाजिक सुधार, नैतिक शिक्षा, पारिवारिक जीवन, आदर्शवाद तथा मनोरंजनात्मक तत्वों की प्रधानता दिखाई देती है। इस मॉड्यूल के अंतर्गत प्रारंभिक हिंदी उपन्यासों की भाषा, शिल्प, कथावस्तु तथा सामाजिक चेतना का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही यह समझने का प्रयास किया जाएगा कि किस प्रकार हिंदी उपन्यास ने समाज में आधुनिक चेतना के विकास में भूमिका निभाई।

निर्धारित विषय:  (कोई एक)

  • परीक्षा गुरु (1882): लाला श्रीनिवासदास 
  • भाग्यवती (1877/1888): पंडित श्रद्धा राम फिल्लौरी

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-

  • भाग्यवती  https://archive.org/details/20250207_20250207_1016 
  • परीक्षा गुरु  https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.263667 

माड्यूल 3:   प्रेमचंदयुगीन हिन्दी उपन्यास

विद्यार्थी इस मॉड्यूल में स्वतंत्रता पूर्व दो ऐसे महत्त्वपूर्ण उपन्यासकारों की रचनाओं का अध्ययन करेंगे जिन्होंने अपनी लेखन शैली से हिंदी गद्य विधा को न केवल एक अलग मुकाम प्रदान किया बल्कि आने वाली लेखकीय पीढ़ियों के लिए भी एक नया मार्ग प्रशस्त किया | ‘गोदान’ और ‘त्यागपत्र’ की कथा अपने-अपने तरीके से समाज की रूढ़ियों और परम्पराओं पर प्रहार करती है | प्रस्तुत मॉड्यूल में विद्यार्थी दो सफल उपन्यासकारों की रचनाओं का न केवल  तुलनात्मक अध्ययन कर सकेंगे बल्कि तत्कालीन सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक मूल्यों के आईने में साहित्य का विश्लेषण करने में भी सक्षम हो सकेंगे | 

निर्धारित विषय : (कोई एक)

  • गोदान (1936) – प्रेमचंद 
  • त्यागपत्र (1937)- जैनेन्द्र कुमार 

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-


माड्यूल 4  स्वातन्त्र्योत्तर हिन्दी उपन्यास

प्रस्तावित मॉड्यूल में विद्यार्थियों को अमृतलाल नागर  द्वारा कृत  उपन्यास “मानस का हंस” का अध्ययन कराया जाएगा जिसका कथानक गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित है | इसके अतिरिक्त प्रस्तुत माड्यूल में मन्नू भंडारी द्वारा रचित उपन्यास “महाभोज” का अध्ययन भी अपेक्षित रहेगा | स्वतंत्रता के पश्चात् हिंदी गद्य विधा में महिला लेखन बहुत तेजी से बढ़ा | मन्नू भंडारी, कृष्णा सोबती,उषा प्रियम्वदा, प्रभा खेतान, नासिरा शर्मा, आदि लेखिकाओं ने अपने लेखनी से न केवल नारी संवेदनाओं को एक नई परिभाषा दी बल्कि सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक आदि क्षेत्रों के विषय में भी खुलकर लिखा | ‘महाभोज’ में मन्नू भंडारी ने अपराध और राजनीति के गठजोड़ का यथार्थवादी चित्रण किया है |  प्रस्तुत इकाई में विद्यार्थी स्वातंत्र्योत्तर विषयवस्तु के स्तर पर स्त्री एवं पुरुष रचनाकारों की कृतियों का तुलनात्मक विश्लेषण करने के साथ-साथ औपन्यासिक शिल्प में आए परिवर्तनों से भी परिचित हो पाएंगे |

निर्धारित विषय :

  • मानस का हंस(1972)  - अमृतलाल नागर 
  • महाभोज (1982)– मन्नू भंडारी

सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :- 

Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
  • Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
  • End Term Exam (50 Marks)
     

 

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