| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NSOL1HN006 | 8 |
Course Coordinator(s) प्रो.सत्यकेतु सांकृत, डॉ.निकिता जैन
Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)
No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
How does the course link with the vision of AUD?
संगोष्ठी पत्र–II पाठ्यक्रम अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली की उस शैक्षणिक दृष्टि के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, अनुसंधान और सामाजिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता के विकास पर बल देती है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को स्वायत्त रूप से विषय-चयन, स्रोत-संग्रह, विश्लेषण तथा सुव्यवस्थित लेखन की प्रक्रिया में संलग्न करता है, जिससे उनमें ज्ञान के सृजन और उसके आलोचनात्मक परीक्षण की क्षमता विकसित हो।
How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
संगोष्ठी पत्र–II पाठ्यक्रम संबंधित स्नातक कार्यक्रम के शोधोन्मुख स्वरूप को सुदृढ़ करेगा। यह पाठ्यक्रम संगोष्ठी पत्र–I का अगला चरण होगा, जिसमें संगोष्ठी पत्र के प्रारूप, रूपरेखा तथा लेखन से संबंधित आयामों की आधारभूत समझ विकसित की जाती है। संगोष्ठी पत्र–II में उन्हीं अधिगमों को आगे बढ़ाते हुए विद्यार्थियों को स्वायत्त रूप से संगोष्ठी पत्र तैयार करने, स्रोतों के उपयोग, विश्लेषण तथा सुव्यवस्थित प्रस्तुति का अभ्यास कराया जाएगा। इस प्रकार, यह पाठ्यक्रम कार्यक्रम के अंतर्गत शोध, लेखन और प्रस्तुति कौशल के समेकित विकास में सहायक सिद्ध होगा ।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
- विद्यार्थियों में संगोष्ठी पत्र तैयार करने की क्षमता का विकास करना।
- विषय-निर्धारण, स्रोत-संग्रह और विश्लेषण के माध्यम से तर्कपूर्ण एवं सुव्यवस्थित अकादमिक लेखन को सुदृढ़ करना।
- संगोष्ठी पत्र के माध्यम से विचारों के क्रमबद्ध प्रस्तुतीकरण और तर्क-शैली की दक्षता विकसित करना।
- संदर्भ सामग्री के समुचित उपयोग तथा उद्धरण की पद्धति के प्रति सजगता उत्पन्न करना।
- मौखिक प्रस्तुति और प्रश्नोत्तर के माध्यम से अभिव्यक्ति एवं अकादमिक संवाद कौशल को विकसित करना।
- विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन और विश्लेषणात्मक दृष्टि को सुदृढ़ करना, जिससे वे अपने विषय का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर सकें।
Course Outcomes:
- CO1: विद्यार्थी चयनित विषय से संबंधित अवधारणाओं, प्रमुख स्रोतों की व्याख्या कर सकेंगे।
- CO2: विद्यार्थी शोध-विधियों, स्रोत-संग्रह और संदर्भ के सिद्धांतों का प्रयोग करते हुए संगोष्ठी पत्र का प्रारूप तैयार कर सकेंगे।
- CO3: विद्यार्थी संकलित सामग्री का आलोचनात्मक विश्लेषण करते हुए उसे तर्कपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप में प्रस्तुत कर सकेंगे।
- CO4: विद्यार्थी विभिन्न दृष्टियों एवं स्रोतों के आधार पर अपने विषय का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर सकेंगे।
- CO5: विद्यार्थी चयनित विषय पर एक सुव्यवस्थित, शोध-आधारित संगोष्ठी पत्र तैयार कर सकेंगे।
- CO6: विद्यार्थी अपने संगोष्ठी पत्र की सामग्री को सुस्पष्ट, संगठित एवं तर्कसंगत रूप में प्रस्तुत कर सकेंगे।
Modules and Readings
पाठ्यक्रम की रूपरेखा
बी.ए. हिंदी के 8वें सेमेस्टर के प्रारंभ में, विद्यार्थी अपने अध्ययन-क्षेत्र एवं रुचि के अनुरूप एक उपयुक्त संगोष्ठी-पत्र लेखन के लिए विषय का चयन करेंगे। इस प्रक्रिया के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह निर्धारित समय के अनुसार पर्यवेक्षक का नियमित परामर्श एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे लेखन-कार्य की सतत प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
इस पाठ्यक्रम में संगोष्ठी पत्र–I में विकसित आधारभूत समझ का अनुप्रयोग करते हुए विद्यार्थी अपने संगोष्ठी पत्र का प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करेंगे, जिसे पर्यवेक्षक के नियमित मार्गदर्शन में संशोधित एवं परिष्कृत किया जाएगा।
विषय के प्रारूप एवं लेखन सम्बन्धी दिशा-निर्देश की प्रक्रिया 7वें सेमेस्टर में प्रारंभ की जाएगी, जबकि वास्तविक संगोष्ठी पत्र लेखन कार्य 8वें (अंतिम) सेमेस्टर में संपादित किया जाएगा। आठवें सेमेस्टर के मध्य में कार्य-प्रगति प्रस्तुति का आयोजन किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थी के कार्य की दिशा और गुणवत्ता का आकलन किया जा सके। सेमेस्टर के अंत तक विद्यार्थी लगभग 4,000–6,000 शब्दों के भीतर अपना अंतिम संगोष्ठी पत्र तैयार कर निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप प्रस्तुत करेंगे।
प्रस्तुत संगोष्ठी पत्र के समग्र मूल्यांकन के लिए मौखिकी आयोजित की जाएगी, जिसमें पर्यवेक्षक के साथ हिंदी संकाय के सदस्य सम्मिलित होंगे।
इस प्रकार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को चरणबद्ध, निर्देशित एवं सुदृढ़ अनुसंधान-अनुभव प्रदान करते हुए उन्हें उच्चतर अकादमिक लेखन की दिशा में उन्मुख करने का कार्य करेगा।
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
- Seminar Paper writing – (50%Marks)
- Viva-Voce (50 Marks)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली