| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NSOL1VB101 | 4 |
Course Coordinator(s) : Dr. Rubina Saife & Dr. Sunil KumarYadav
Course description:-
स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित यह पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान-परंपरा के विषय में समझ विकसित करने के लिए बनाया है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्र न केवल भारतीय ज्ञान परंपराओं की व्यापक समझ विकसित करेंगे, बल्कि उनके विभिन्न आयामों के महत्व और उपयोगिता को भी समझेंगे। यह ज्ञान न केवल अकादमिक रूप से उनकी मदद करेगा बल्कि व्यावहारिक जीवन में भी उनके चिंतन और आचरण को प्रभावित करेगा। इस कोर्स का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध पहलुओं को समझाना है, ताकि छात्र भारतीय सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर से जुड़ सकें।यह पाठ्यक्रम भारतीय ज्ञान प्रणालियों की समृद्ध और विविध परंपराओं का पता लगाता है, जिसमें दार्शनिक, वैज्ञानिक, कलात्मक, और सामाजिक-राजनीतिक आयाम शामिल हैं। यह इन परंपराओं की गहराई से समझ प्रदान करता है, उनकी वर्तमान समय में प्रासंगिकता और उपयोगिता पर जोर देता है।
Course Outcomes:
भारतीय दर्शन की समझ
- छात्र वेदांत, बौद्ध, और जैन धर्म सहित भारतीय दर्शन की प्रमुख अवधारणाओं और सिद्धांतों को समझ सकेंगे और उन्हें स्पष्ट रूप से व्यक्त कर सकेंगे।
प्राचीन भारतीय विज्ञान में योगदान की पहचान
- छात्र गणित, चिकित्सा, खगोलशास्त्र, और अन्य विज्ञानों में प्राचीन भारतीय योगदानों को पहचानेंगे और उनके ऐतिहासिक महत्व को समझेंगे।
भारतीय कला और साहित्य की सांस्कृतिक धरोहर का विश्लेषण
- छात्र भारतीय कला, साहित्य, और संगीत की सांस्कृतिक धरोहर पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कर सकेंगे।
आधुनिक समाज पर परंपरागत विचारों का प्रभाव
- छात्र आधुनिक भारतीय समाज पर पारंपरिक भारतीय सामाजिक और राजनीतिक विचारधाराओं के प्रभाव का मूल्यांकन कर सकेंगे।
भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता
- छात्र भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता और उपयोगिता को समझेंगे और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विचार कर सकेंगे।
Brief description of modules/ Main modules:
माड्यूल-1 भारतीय ज्ञान परम्परा: अवधारणा, सिद्धांत और व्यवहार
यह मॉड्यूल भारतीय दर्शन, भाषाओं और साहित्य के आपसी संबंधों को स्पष्ट करता है। इसमें छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा के शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व को समझने में मदद मिलेगी। विशेषकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति से इस परंपरा के जुड़ाव पर चर्चा की जाएगी।
निर्धारित विषय :
- भारतीय ज्ञान परम्परा : अर्थ, अवधारणा और स्वरूप
- भारतीय भाषाएं व साहित्य
- भारतीय ज्ञान परम्परा का सातत्य : सामान्य परिचय
- भारतीय ज्ञान परम्परा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति
माड्यूल-2 भारतीय दर्शन का इतिहास और स्वरूप
इस मॉड्यूल में भारतीय चिंतन परंपरा और दर्शनशास्त्र का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य दिया गया है। गणित, खगोलशास्त्र और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भारत की भूमिका पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
निर्धारित विषय :
- भारतीय चिंतन परंपरा का संक्षिप्त परिचय
- भारतीय वाग्मय: वेद, उपनिषद और पुराण (सामान्य परिचय)
- भारतीय दर्शन: जैन और बौद्ध दर्शन, ज्ञान मीमांसा (अवधारणात्मक परिचय)
माड्यूल 3 भारतीय ज्ञान परम्परा : कला, संस्कृति एवं विज्ञान
इस मॉड्यूल में भारतीय कलाओं और सांस्कृतिक धरोहर के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा होगी। जैसे शून्य का आविष्कार, आयुर्वेद, वास्तुकला, मूर्तिकला, और प्रमुख भारतीय उत्सवों का वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व।
निर्धारित विषय :
- भारतीय ज्ञान परम्परा और वैज्ञानिकता : शून्य का आविष्कार, वैदिक गणित, खगोल शास्त्र, आयुर्वेद और योग का विज्ञान
- भारतीय ज्ञान परम्परा और कलाएं : वास्तुकला और शिल्पकला, मूर्तिकला, नृत्य, गायन अन्य कलाएं जैसे मोहिनीअट्टम, छाऊ, भांड पाथेर आदि
- भारतीय ज्ञान परम्पर, संस्कृति और लोक : प्रमुख भारतीय उत्सव (छठ पूजा (बिहार), गणेश पूजा (महाराष्ट्र), दुर्गा पूजा (बंगाल), जगन्नाथ यात्रा (उड़ीसा), ओणम (केरल), बिहू (असम)
माड्यूल-4 भारतीय जान परम्परा : आधुनिक चिंतन एवं साहित्य
यह मॉड्यूल महर्षि अरविंद, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, और बाबा साहेब अंबेडकर जैसे विचारकों के योगदान पर केंद्रित है। फादर कामिल बुल्के का उल्लेख, हिंदी साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को दर्शाता है।
निर्धारित विषय :
- महर्षि अरविंद: योग और आध्यात्मिकता
- स्वामी विवेकानंद: शिकागो भाषण
- महात्मा गांधी: हिंद स्वराज (चुनिन्दा अंश)
- डॉ. बी. आर. अंबेडकर: शिक्षा का महत्व (चुनिन्दा अंश)
- फादर कामिल बुल्के: भारतीय साहित्य और संस्कृति (चुनिन्दा अंश)
Assessment Details with weights
|
S. No |
Assessment |
Date/period in which Assessment will take place |
Weightage |
|
1 |
Assignment -1 |
As per AUD Academic Calendar |
25% |
|
2 |
Mid Semester Exam |
As per AUD Academic Calendar |
25% |
|
4 |
End Term Exam |
As per AUD Academic Calendar |
50% |
Reading List:
- भारतीय चिंतन परंपरा : नए आयाम, नई दिशाएं - कृष्णदत्त पालीवाल, सस्ता साहित्य मंडल।
- भारतीय दर्शन - सर्वपल्ली राधा कृष्णन, राजपाल।
- भारतीय दर्शन का इतिहास – एस.एन. दास गुप्ता, राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी।
- भारतीय दर्शन की रूपरेखा - एम. हिरिन्ना, राजकमल।
- भारतीय चिंतन - रांगेय राघव, किताब महल।
- भारतीय चिंतन परंपरा - के. दामोदरन, पी.पी.एच.
- वैदिक साहित्य एवं संस्कृति, डॉ. कपिलदेव द्विवेदी, विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी।
- भारतीय शिक्षा का इतिहास तथा समस्याएँ, डॉ. सीताराम जायसवाल, प्रकाशन केन्द्र लखनऊ।
- भारतवर्ष वैदिक कालीन शिक्षा पद्धति, आचार्य लक्ष्मीचन्द्र, संजय प्रकाशन, दिल्ली, 1997
- भारतीयता की पहचान, विद्यानिवास मिश्र, वाणी प्रकाशन, 2008
- चिन्मय भारत (आर्ष चिंतन के बुनियादी सूत्र), कुबेरनाथ राय, हिंदुस्तानी एकेडमी, इलाहाबाद, 2006
- भारतीय दर्शन, बलदेव उपाध्याय, चौखम्भा ओरियन्टालिया, वराणसी, 1976
- इशादि नौ उपनिषद् (शांकरभाष्य), गीता प्रेस गोरखपुर, 2021
- छान्दोग्य उपनिषद्, गीता प्रेस, गोरखपुर, 2019
- वृहदारण्यक उपनिषद्, गीता प्रेस, गोरखपुर, 2019
- हिन्द स्वराज, मोहनदास करमचंद गांधी, राजकमल प्रकाशन।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली