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आधुनिक भारतीय स्त्री चिंतन

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core NSOL1VA102 4

Course Coordinator(s) :      डॉ. सुनील कुमार यादव

1. Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No

2. Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

3. No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

4. Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

5. How does the course link with the vision of AUD?

6. How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

‘आधुनिक भारतीय स्त्री-चिंतन’ पाठ्यक्रम के माध्यम से स्वाधीनता आंदोलन से लेकर वर्तमान समय तक मौजदू स्त्री चिंतकों के विचारों को जानना और समझना है। यह पाठ्यक्रम समेकित रूप में उनके द्वारा किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और साहित्यिक योगदान को प्रस्तुत करेगा। पितृसत्तात्मक व्यवस्था, सामाजिक मूल्य, स्त्री-अस्मिता का विश्लेषण प्रस्तुत किया जायेगा। पाठ्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों की स्त्री चिंतकों के माध्यम से वहां की सांस्कृतिक प्रक्रिया को समझाया जाएगा, जिससे विद्यार्थी स्त्री संबंधी दृष्टि और विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति के अंतर्संबंधों को अधिक गहराई से ग्रहण कर सकें।

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

  • विद्यार्थियों में, आधुनिक भारतीय स्त्री-चिंतन के माध्यम से ऐतिहासिक और वैचारिक समझ विकसित करना।      
  • स्त्री विमर्श की उत्पत्ति, उनके अधिकार और स्वतंत्रता जैसे विभिन्न पहलुओं से विद्यार्थियों को अवगत कराना।   
  • सावित्रीबाई फुले, पंडित रमाबाई, ताराबाई शिंदे, रुकैया बेगम जैसी विभिन्न भारतीय चिंतकों के लेखन का अध्यन और विश्लेषण करना।  
  • परंपरा और आधुनिकता में मौजूद समन्वय की भावना से विद्यार्थियों को अवगत कराना।  
  • नारी की आधुनिक भावबोध से युक्त छवि का आभास कराना।   
  • इस पाठ्यक्रम के माध्यम से छात्र भारतीय समाज में स्त्री की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन कर सकेंगे।

Course Outcomes:  Course Outcomes describe what students are expected to know and be able to do by the end of a specific course. Each CO should be clearly observable and measurable. Mention 4-6 course outcomes.  At the end of the course, students will be able to:

  • CO1: आधुनिक भारतीय स्त्री-चिंतन की प्रमुख अवधारणाओं, प्रवृत्तियों एवं वैचारिक आधारों को समझ सकेंगे।
  • CO2:  स्त्री-विमर्श से संबंधित साहित्यिक एवं सामाजिक प्रश्नों का आलोचनात्मक विश्लेषण कर सकेंगे।
  • CO3: भारतीय समाज, संस्कृति एवं साहित्य में स्त्री की स्थिति और भूमिका का तुलनात्मक अध्ययन कर सकेंगे।
  • CO4: स्त्री-अनुभवों की अभिव्यक्ति से संबंधित विभिन्न साहित्यिक विधाओं एवं लेखन-परंपराओं की पहचान कर सकेंगे।
  • CO5: स्त्री-अस्मिता, समानता, अधिकार एवं सामाजिक न्याय से जुड़े विमर्शों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित कर सकेंगे।
  • CO6:  स्त्री-विमर्श संबंधी पाठों का अध्ययन कर तार्किक एवं प्रभावी मौखिक तथा लिखित अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सकेंगे।

Modules and Readings मॉड्यूल-1  स्त्री-विमर्श की अवधारणा एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्त्री-विमर्श की अवधारणा, स्वरूप एवं भारतीय संदर्भ में उसके विकास का अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही स्त्री-अस्मिता, पितृसत्ता, लैंगिक असमानता तथा स्त्री-अधिकार से जुड़े मूल प्रश्नों को ऐतिहासिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य में समझाया जाएगा। भारतीय समाज-सुधार आंदोलनों तथा स्त्री-शिक्षा के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान देने वाले विचारकों के योगदान का अध्ययन कराया जाएगा।
             
              
 निर्धारित पाठ : 

  • स्त्री विमर्श : अर्थ, परिभाषा और स्वरूप 
  • भारतीय स्त्री चिंतन : ऐतिहासिक संदर्भ 
  • सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन और स्त्री शिक्षा 

सहायक पाठ्य सामग्री :- 

  •  प्रभा खेतान- स्त्री उपेक्षिता 
  • मैत्रेयी पुष्पा- खुली खिड़कियाँ 
  • सावित्रीबाई फुले- चयनित लेख एवं पत्र
  • कुमकुम संगारी एवं सुधेश वैद- स्त्री और समाज 
  • उमा चक्रवर्ती- भारतीय समाज और स्त्री प्रश्न 
  • रमणिका गुप्ता- स्त्री विमर्श : विविध पहलू

माड्यूल 2- आधुनिक भारतीय स्त्री चिंतक और सामाजिक सुधार

इस मॉड्यूल के अंतर्गत हुए सामाजिक सुधार आंदोलन की स्थिति से विद्यार्थियों को अवगत कराया जायेगा। ताराबाई शिंदे, पंडित रमाबाई, रुकैया जैसी विभिन्न रचनाकारों के माध्यम से इस माड्यूल से विद्यार्थियों को अवगत कराया जायेगा।

निर्धारित पाठ 

  • ताराबाई शिंदे- स्त्री-पुरुष तुलना 
  • पंडिता रमाबाई- हाई कास्ट हिन्दू वुमन (हिंदी अनुवाद) 
  • रुकैया सखावत हुसैन- सुल्ताना का सपना 
  • बेगम रुकैया- चयनित निबंध

सहायक सामग्री: 

  • गेल ऑम्वेट- भारतीय स्त्री आंदोलन 
  • शर्मिला रेगे- दलित स्त्री विमर्श 
  • राजकिशोर- स्त्री के लिए जगह

माड्यूल 3  साहित्य, संस्कृति और स्त्री-अस्मिता

इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को साहित्य एवं संस्कृति संबंधी अवधारणा को समझने के लिए स्त्री-अनुभवों की अभिव्यक्ति से परिचय कराया जाएगा। इसमें विभिन्न लेखिकाओं को रखने का उद्देश्य सिर्फ़ इतना है कि उनकी विचार पद्धति, उनके चिंतन को विद्यार्थी समझ सके और आधुनिक हिंदी साहित्य में स्त्री की बदलती छवि, उसकी अस्मिता, संघर्ष, आत्मनिर्णय तथा सामाजिक संबंधों का विश्लेषण कर सके। कथेतर गद्य के माध्यम से जैसे कि उनकी आत्मकथाओं एवं संस्मरणों जैसी विधाओं के माध्यम से स्त्री-अनुभवों की विविधता को समझाया जा सके।

निर्धारित पाठ 

  • कृष्णा सोबती : बुद्ध का कमंडल लद्दाख 
  • अमृता प्रीतम : रसीदी टिकट  
  • महादेवी वर्मा : स्मृति की रेखाएं 
  • अंतरा करवड़े : आइये पर्यावरण बचाएं

सहायक सामग्री 

माड्यूल 4 समकालीन स्त्री-विमर्श और नई चुनौतियाँ

इस मॉड्यूल में वैश्वीकरण, मीडिया, बाज़ारवाद, डिजिटल संस्कृति तथा समकालीन समाज में स्त्री से जुड़े प्रश्नों के अध्ययन से विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। दलित स्त्री-विमर्श, आदिवासी स्त्री-विमर्श, क्वीयर विमर्श तथा कार्यस्थल पर लैंगिक समानता जैसे मुद्दों पर आज व्यापक चर्चा परिचर्चा होने लगी है। विद्यार्थी संक्षेप में इसकी वर्तमान अवस्था को समझ सकेंगे और अध्ययन सामग्री के माध्यम से उदाहरण द्वारा समझ भी सकेंगे। इसके अंतर्गत समकालीन स्त्री लेखन और सामाजिक आंदोलनों की भूमिका का भी विश्लेषण किया जाएगा।
                              
निर्धारित पाठ

  • अनामिका- स्त्रीत्व का मानचित्र 
  • बेबी कांबले- जीवन हमारा 
  • बामा- करुक्कु (हिंदी अनुवाद) 
  • निवेदिता मेनन- नारीवाद

सहायक सामग्री- 

  • सुशीला टाकभौरे- शिकंजे का दर्द 
  • गीतांजलि श्री- चयनित निबंध 
  • चंद्रा तलपड़े मोहंती- फेमिनिज़्म विदाउट बॉर्डर्स (हिंदी अनुवाद)

Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay (25 Marks)
  • Midterm Exam (25 Marks)
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