| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NSOL1EL312 | 4 |
Course Coordinator(s) डॉ.अनंत विजय पालीवाल
1.Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
2. Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)
3.No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
4.Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
How does the course link with the vision of AUD?-
“मीडिया और हिन्दी” पाठ्यक्रम डॉ.बी.आर.अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली के बहुविषयी, आलोचनात्मक और सामाजिक सरोकारों पर आधारित शिक्षा-दृष्टि से जुड़ा हुआ है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में मीडिया साक्षरता, भाषा दक्षता तथा आलोचनात्मक चिंतन का विकास करता है। स्नातक स्तर पर यह आधारभूत समझ प्रदान करता है, जबकि स्नातकोत्तर स्तर पर मीडिया, भाषा और समाज के अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण कराता है। इस प्रकार यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के समावेशी, चिंतनशील और सामाजिक रूप से उत्तरदायी शिक्षार्थी तैयार करने के उद्देश्य को सुदृढ़ करता है।
How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
‘मीडिया और हिन्दी’ पाठ्यक्रम बीए हिन्दी कार्यक्रम से सीधे रूप से जुड़ा हुआ है, क्योंकि यह भाषा, साहित्य और मीडिया के अंतर्संबंधों को समझने की आधारभूमि तैयार करता है। स्नातक स्तर पर यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों की भाषिक दक्षता, अभिव्यक्ति क्षमता और मीडिया की मूलभूत समझ को विकसित करता है, जो कार्यक्रम के बुनियादी उद्देश्यों को सुदृढ़ करता है | स्नातकोत्तर स्तर पर यह पाठ्यक्रम विश्लेषणात्मक दृष्टि, शोध और समकालीन मीडिया विमर्शों की गहन समझ विकसित करता है, जिससे विद्यार्थी संबंधित कार्यक्रम के उन्नत शैक्षणिक और व्यावसायिक आयामों से जुड़ पाते हैं। इस प्रकार यह पाठ्यक्रम कार्यक्रम के शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करते हुए विद्यार्थियों को व्यापक, बहुआयामी और व्यावहारिक दृष्टि प्रदान करता है।
पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)
यह पाठ्यक्रम डॉ.बी.आर अंबेडकर विश्वविद्यालय के विजन के अनुसार अंतरानुशासनिक और चिंतनपरक दृष्टिकोण के अनुरूप होगा। प्रस्तुत पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को मीडिया के विभिन्न सिद्धांतों के साथ उनके व्यावहारिक पक्ष से भी परिचित कराएगा। इस पाठ्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया और उसके विभिन्न प्रारूपों से परिचित कराना है, जिससे वह मीडिया के महत्त्व को समझते हुए देश की विभिन्न गतिविधियों के प्रति उसके वर्तमान नजरिए से परिचित हो सकें। वर्तमान में हिंदी साहित्य के अंतर्गत मीडिया का एक महत्वपूर्ण स्थान है। अतः इस पाठ्यक्रम को वैकल्पिक कोर्स के रूप में पढ़ाए जाने से न केवल विद्यार्थियों को मीडिया के विभिन्न पक्षों को समझने में मदद मिलेगी बल्कि उनमें मीडिया से जुड़ा कौशल भी विकसित किया जा सकेगा। इस तरह यह एक रोजगारोन्मुख कोर्स भी है ।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
- विद्यार्थियों को मीडिया की मूल अवधारणाओं, स्वरूपों और सिद्धांतों से परिचित कराना।
- मीडिया के विभिन्न माध्यमों (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल) की कार्यप्रणाली और महत्त्व को समझाना।
- हिन्दी भाषा और मीडिया के अंतर्संबंध तथा उसकी समकालीन प्रासंगिकता को स्पष्ट करना।
- विद्यार्थियों में मीडिया के प्रति आलोचनात्मक और चिंतनपरक दृष्टि विकसित करना।
- विद्यार्थियों में मीडिया से जुड़े व्यावहारिक कौशल एवं रोजगारोन्मुख क्षमता का विकास करना।
Course Outcomes:
- CO1:विद्यार्थी मीडिया की मूल अवधारणाओं, स्वरूपों तथा प्रमुख सिद्धांतों की समझ विकसित कर सकेंगे।
- CO2:विद्यार्थी विभिन्न मीडिया माध्यमों (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल) की कार्यप्रणाली और उनकी उपयोगिता का विवेचन कर सकेंगे।
- CO3:विद्यार्थी हिन्दी और मीडिया के पारस्परिक संबंध तथा उसकी समकालीन प्रासंगिकता को समझ सकेंगे।
- CO4:विद्यार्थी मीडिया से संबंधित विषयों पर आलोचनात्मक एवं चिंतनशील दृष्टि विकसित कर सकेंगे।
- CO5:विद्यार्थी मीडिया के व्यावहारिक पक्षों (लेखन, संपादन, प्रस्तुति आदि) का प्रभावी रूप से उपयोग कर सकेंगे।
- CO6:विद्यार्थी मीडिया क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों को पहचानते हुए उनसे जुड़ने के लिए आवश्यक कौशलों को विकसित कर सकेंगे।
Modules and Readings
मॉड्यूल – 1 मीडिया : एक अवधारणात्मक परिचय
जहां तक हिंदी साहित्य का प्रश्न है, वह ज्ञान के क्षेत्र में हमेशा से एक महत्त्वपूर्ण विषय रहा है। वहीं मीडिया भी हिंदी साहित्य के आलोचनात्मक मूल्यांकन में आरंभ से ही मदद करता रहा है। अतः मीडिया और हिंदी के रिश्तों की एक मुकम्मल पड़ताल आवश्यक हो जाती है। दूसरी तरफ भारत जैसे बहुभाषीय देश में मीडिया का महत्त्व और उसकी भूमिका और भी बढ़ जाती है, साथ ही उसके संरचनात्मक गठन को समझना भी अति आवश्यक हो जाता है। इसी संदर्भ में प्रस्तावित पाठ्यक्रम का प्रथम मॉड्यूल मीडिया की अवधारणा, प्रकृति, स्वरूप और उसके महत्व पर केंद्रित रखा गया है। इस मॉड्यूल के अंतर्गत छात्र मीडिया की एक व्यापक समझ के साथ उसके विभिन्न पहलुओं से परिचित हो सकेंगे। वर्तमान समय में मीडिया की महत्ता, आवश्यकता और क्षेत्र को देखते हुए विद्यार्थी इनके विभिन्न आयामों से परिचित हो सकेंगे। विद्यार्थी आने वाले समय में मीडिया की उपादेयता को ध्यान में रखते हुए न केवल एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम का अध्ययन कर सकेंगे बल्कि इस क्षेत्र में रोज़गार के बेहतर अवसरों की तलाश कर सकेंगे।
निर्धारित विषय :
- मीडिया का अर्थ, प्रकृति व स्वरुप
- मीडिया के क्षेत्र- सामाजिक, आर्थिक, तकनीकी, साहित्यिक आदि
- मीडिया की आवश्यकता एवं महत्त्व
- मीडिया की सीमाएँ
सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-
- मीडिया समग्र, डॉ. अर्जुन तिवारी, वाणी प्रकाशन, दिल्ली, 2019
- समकालीन पत्रकारिताः मूल्यांकन और मुद्दे राजकिशोर (संपा), वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली, 1994
- भारतीय पत्रकारिता का इतिहास जे नटराजन, प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली, 2002
- भारत में जनसंचार और प्रसारण मीडिया मधुकर लेले, राजकमल प्रकाशन, नईदिल्ली,
- जनसंचार माध्यमों का वैचारिक परिप्रेक्ष्य- जवरीमल्ल पारेख, ग्रंथशिल्पी, नई दिल्ली, 2000
मॉड्यूल 2 : मीडिया और हिन्दी भाषा
मीडिया के क्षेत्र में हिंदी की सर्जनात्मक भाषा को लेकर विद्वानों के विभिन्न मत देखने को मिलते हैं। मीडिया की सर्जनात्मकता के अंतर्गत जिस प्रकार से हिंदी भाषा को तात्कालिक यथार्थ व अन्य सामाजिक उपकरणों में पिरो कर प्रस्तुत किया जाता है, वह समाज को एक अलग ही भावबोध पर ले जाता है। एक प्रकार से इस कार्य को भाषा की संप्रेषणशीलता के साथ नवीन प्रयोगों की कोटि में रखा जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में यह बात और भी सटीक बैठती है l अत: इस भाषिक क्षेत्र में मीडिया की अपेक्षाएं और भी गंभीर हो जाती हैं, साथ ही यह हिंदी भाषा के विस्तार और सीमाओं को भी तय करने वाला क्षेत्र बन जाता है। इस मॉड्यूल के अंतर्गत मीडिया की इसी सर्जनात्मक हिंदी भाषा को केंद्र में रखते हुए इसके विभिन्न आयामों को स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा साहित्यिक हिंदी से इसकी भिन्नता को विश्लेषित करने का प्रयास किया जाएगा।
निर्धारित विषय:
- मीडिया और भाषा का अन्तःसंबंध
- प्रिंट मीडिया की भाषा
- इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भाषा
- सोशल मीडिया की भाषा
सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-
- मीडिया और भाषा, डॉ. शिवशंकर अवस्थी, डायमंड बुक्स, दिल्ली, 2024
- मीडिया की भाषा : दशा और दिशा chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://shabdbraham.com/ShabdB/archive/v3i1/sbd-v3-i1-sn5.pdf
- प्रिंट मीडिया और अनुवाद https://share.google/gb7vpMwtauXkMshKU
माड्यूल 3: मीडिया के प्रमुख आयाम : प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक
यह मॉड्यूल विद्यार्थियों को मीडिया के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक आयामों से संबंधित विभिन्न सैद्धांतिक पक्षों से अवगत कराएगा और इसके साथ ही इनके व्यावहारिक प्रयोगों द्वारा इस क्षेत्र में कौशल विकसित करने में भी मदद करेगा । साहित्य के अतिरिक्त प्रशासन, बैंकिंग, प्रोद्यौगिकी, पर्यटन राजनीति और अन्य आर्थिक व सामाजिक क्षेत्रों में भी मीडिया की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। प्रस्तावित मॉड्यूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विभिन्न प्रारूपों से परिचित कराते हुए वर्तमान समय में उनकी महत्ता एवं आवश्यकता से परिचित कराना भी है, जिससे विद्यार्थी आने वाले समय में मीडिया के नवीन प्रारूपों को ध्यान में रखते हुए उस पर एक तर्कसम्मत विचार रख सकें।
निर्धारित विषय :
- प्रमुख समाचार पत्र
- प्रमुख साहित्यिक पत्रिकाएं
- प्रमुख व्यावसायिक पत्रिकाएं
- रेडियो, टेलीविजन और सिनेमा
सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-
- समाचार पत्रों का इतिहासः अम्बिका प्रसाद वाजपेयी, ज्ञानमंडल, वाराणसी, 1986
- हिंदी पत्रकारिताः हमारी विरासत (दो खंड) शंभूनाथ, वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली, 2007
- हिंदी पत्रकारिता- कृष्ण बिहारी मिश्र, भारतीय ज्ञानपीठ, नई दिल्ली, 2001
- भारत में जनसंचार और प्रसारण मीडिया मधुकर लेले, राजकमल प्रकाशन, नईदिल्ली,
- जनसंचार माध्यमों का वैचारिक परिप्रेक्ष्य- जवरीमल्ल पारेख, ग्रंथशिल्पी, नई दिल्ली, 2000
माड्यूल 4 : सोशल मीडिया और हिंदी
प्रस्तावित मॉड्यूल सोशल मीडिया के हिंदी प्रारूप पर आधारित रहेगा। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया के विभिन्न प्रकारों एवं पक्षों से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रस्तुत मॉड्यूल में सामाजिक प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर सोशल मीडिया के इन प्रारूपों की भूमिका को सैद्धांतिक और प्रायोगिक स्तर पर समझने का प्रयास किया जाएगा। सोशल मीडिया के विभिन्न प्रारूपों के विश्लेषण के साथ ही समाज में इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव की विस्तृत विवेचना और चर्चा भी इस मॉड्यूल में की जाएगी।
निर्धारित विषय :
- प्रमुख ई-पत्रिकाएं
- फेसबुक, एक्स, ब्लॉग आदि।
- प्रमुख हिंदी वेबसाइट्स ( विकिपीडिया, कविता कोश, हिंदी समय, शोध गंगा इत्यादि)।
- प्रमुख सोशल मंच ( यू ट्यूब, ऑडियो चैनल्स, पॉड कास्ट इत्यादि)।
सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :-
- हिन्दी साहित्य की वेव पत्रिकाएं - https://short-url.cc/1zSIY
- विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म और हिन्दी https://ignited.in/index.php/jasrae/article/view/15904/31366
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
- Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
- Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
- End Term Exam (50 Marks)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली