| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NSOL1HN004 | 9 |
Course Coordinator(s) प्रो. सत्यकेतु सांकृत, डॉ.निकिता जैन
Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify):
एनईपी 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चतुर्थ वर्ष में शोध-प्रोजेक्ट करने का विकल्प केवल उन विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्होंने प्रथम तीन वर्षों में न्यूनतम 7.5 सीजीपीए प्राप्त किया हो ।
No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
How does the course link with the vision of AUD?-
यह पाठ्यक्रम डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली के समालोचनात्मक, अंतरानुशासनिक एवं अनुसंधानपरक दृष्टि के अनुरूप है, जो बी.ए. के 8वें सेमेस्टर के लघु शोध प्रोजेक्ट/प्रबंध के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता तथा ज्ञान-निर्माण की प्रवृत्ति को सुदृढ़ करता है।
How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
यह पाठ्यक्रम बी.ए. हिंदी के 7वें सेमेस्टर के शोध प्रविधि पाठ्यक्रम से संबद्ध है, जिसके माध्यम से शोध-पद्धति संबंधी ज्ञान को आगे विकसित करते हुए विद्यार्थी स्वतंत्र रूप से लघु शोध प्रबंध का निर्माण करेंगे तथा उन्नत अनुसंधान की दिशा में अग्रसर होंगे
पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)
बी.ए. हिंदी के अंतर्गत प्रस्तुत लघु शोध प्रबंध का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुसंधान की प्रक्रियाओं एवं गतिशीलता से परिचित कराना है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से शोध-विषय के चयन, उसके अन्वेषण तथा विश्लेषण की दिशा में प्रेरित करता है। विद्यार्थियों को ऐसे विषयों के चयन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है जो अपेक्षाकृत नवीन हों अथवा जिन पर अब तक सीमित शोध कार्य हुआ हो।
विद्यार्थी अपने स्नातक स्तर पर अध्ययन किए गए पाठ्यक्रमों एवं परिचित क्षेत्रों के आधार पर शोध-विषय का चयन कर सकते हैं, अथवा अपनी रुचि के अन्य क्षेत्रों का भी चुनाव कर सकते हैं। लघु शोध प्रबंध साहित्य के विविध पक्षों जैसे- साहित्यिक विधाओं, लेखकीय दृष्टिकोण, साहित्य-इतिहास, साहित्यिक अवधारणाओं एवं सैद्धांतिक दृष्टिकोण आदि पर आधारित हो सकता है। इसके अतिरिक्त, अनुवाद एवं अनुवाद अध्ययन, सिनेमा, प्रदर्शन कलाएँ, दृश्य कलाएँ तथा अन्य संबद्ध अनुशासनों में भी शोध कार्य किया जा सकता है। प्रस्तुत पाठ्यक्रम के अंतर्गत विशेष रूप से लोकसाहित्य, आदिवासी साहित्य, दलित साहित्य आदि विषयों पर केन्द्रित अनुसंधान को भी प्रोत्साहित किया जाता है।
शोध-विषयों एवं क्षेत्रों को पूर्णतः निश्चित नहीं रखा गया है, तथापि यह अपेक्षित है कि चयनित विषय हिंदी संकाय के शोध-क्षेत्रों एवं विशेषज्ञता के अनुरूप हो। लघु शोध प्रबंध के लिए न्यूनतम शब्द-सीमा लगभग 6000 शब्द तथा अधिकतम लगभग 8000 शब्द (संदर्भ-सूची एवं भूमिका के साथ) निर्धारित की गई है। 7वें सेमेस्टर में, शोध आधारित पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को शोध पर्यवेक्षक आवंटित कर दिए जाएंगे जिससे विद्यार्थियों को शोध कार्य के लिए उचित मार्गदर्शन एवं समय प्राप्त हो सके |
यह पाठ्यक्रम केवल उन विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्होंने बी.ए. के प्रथम तीन वर्षों में न्यूनतम 7.5 सीजीपीए प्राप्त किया हो, जैसा कि एनईपी 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित है। यह पाठ्यक्रम कुल 8 क्रेडिट में प्रस्तावित है जिसमें से 4 क्रेडिट लघु शोध प्रबंध के लेखन के लिए तथा 4 क्रेडिट मौखिक प्रस्तुति के लिए निर्धारित किए गए हैं। मौखिकी के अंतर्गत विद्यार्थी अपने शोध कार्य की प्रस्तुति देंगे, जिसमें उनके लघु शोध प्रबंध को विषय -विशेषज्ञों द्वारा अनुसन्धान पद्धति के कई मानकों पर विश्लेषित किया जाएगा |
इस प्रकार, यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर ही अनुसंधान की दिशा में उन्मुख करते हुए उन्हें उच्चतर अकादमिक अध्ययन एवं शोध के लिए सुदृढ़ आधार प्रदान करता है।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
- विद्यार्थियों में पठन, लेखन, विश्लेषण एवं अनुसंधान से संबंधित आधारभूत कौशलों का विकास करना।
- विद्यार्थियों को अनुसंधान की प्रक्रिया से परिचित कराते हुए उन्हें शोध की प्रारंभिक अवस्था से परिचित कराना।
- विद्यार्थियों को विभिन्न शोध-पद्धतियों के व्यावहारिक अनुप्रयोग के लिए सक्षम बनाना।
- विद्यार्थियों में शोध-संबंधी कौशलों तथा अनुसंधान हेतु आवश्यक मूलभूत उपकरणों एवं स्रोतों के उपयोग की क्षमता विकसित करना।
- विद्यार्थियों को लघु शोध प्रबंध के माध्यम से उच्चतर अकादमिक अनुसंधान की दिशा में उन्मुख करना, जिससे वे आगे के शोध-अध्ययन के लिए तैयार हो सकें।
Course Outcomes:
- CO1: विद्यार्थी शोध-प्रक्रिया की मूलभूत अवधारणाओं को समझ सकेंगे।
- CO2: विद्यार्थी विविध शोध-क्षेत्रों की पहचान करते हुए उपयुक्त शोध-विषय का चयन कर सकेंगे।
- CO3: विद्यार्थी सीमित समयावधि में केंद्रित एवं समग्र शोध कार्य कर सकेंगे।
- CO4: विद्यार्थी पठन, लेखन एवं विश्लेषण कौशलों का प्रयोग करते हुए स्त्रोतों का अध्ययन एवं उसकी व्याख्या कर सकेंगे।
- CO5: विद्यार्थी शोध के विविध उपकरणों एवं स्रोतों का प्रभावी उपयोग कर सकेंगे।
- CO6: विद्यार्थी नए शोध-क्षेत्रों से परिचित होते हुए उच्चतर स्तर पर अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सक्षम हो सकेंगे।
Modules and Readings
माड्यूल विवरण :-
बी.ए. हिंदी के 7वें सेमेस्टर के प्रारंभ में, न्यूनतम 7.5 सीजीपीए प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की अभिरुचि के अनुसार उन्हें लघु शोध प्रबंध हेतु विषय-चयन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी अपने अध्ययन-क्षेत्र एवं रुचि के अनुरूप एक उपयुक्त शोध-विषय का चयन करेंगे। शोध-निर्देशन की प्रक्रिया के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह निर्धारित समय के अनुसार शोध-निर्देशक का नियमित परामर्श एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे शोध-कार्य की सतत प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
शोध-विषय के चयन एवं प्रस्ताव-लेखन की प्रक्रिया 7वें सेमेस्टर में प्रारंभ की जाएगी, जबकि वास्तविक शोध-लेखन कार्य 8वें (अंतिम) सेमेस्टर में संपादित किया जाएगा। आवश्यकतानुसार शोध-कार्य की प्रगति के मूल्यांकन हेतु कार्य-प्रगति प्रस्तुति (Work-in-Progress Presentation) का आयोजन 8वें सेमेस्टर के मध्य में किया जा सकता है, जिससे विद्यार्थी की शोध की दिशा एवं गुणवत्ता का सम्यक् आकलन किया जा सके।
इसके उपरांत विद्यार्थी 8वें सेमेस्टर के अंत तक अपना पूर्ण लघु शोध प्रबंध निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप जमा करेंगे। प्रस्तुत शोध-प्रबंध के समग्र मूल्यांकन के लिए मौखिकी आयोजित की जाएगी, जिसमें शोध-निर्देशक के साथ हिंदी संकाय के सदस्य सम्मिलित होंगे।
इस प्रकार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को चरणबद्ध, निर्देशित एवं सुदृढ़ अनुसंधान-अनुभव प्रदान करते हुए उन्हें उच्चतर अकादमिक शोध की दिशा में उन्मुख करने का कार्य करेगा।
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
- Dissertation writing – (50%Marks)
- Viva-Voce (50 Marks)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली