| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Discipline Core | NSOL1HN001 | 4 |
Course Coordinator(s) डॉ.निकिता जैन
Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify): एनईपी 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, चतुर्थ वर्ष में शोध-प्रोजेक्ट करने का विकल्प केवल उन विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्होंने प्रथम तीन वर्षों में न्यूनतम 7.5 सीजीपीए प्राप्त किया हो ।
No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
How does the course link with the vision of AUD?-
यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में शोधपरक दृष्टि, आलोचनात्मक चिंतन तथा अकादमिक लेखन की प्रारंभिक समझ विकसित करता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी ज्ञान-सृजन, स्वतंत्र अध्ययन एवं संदर्भ-सामग्री के विवेकपूर्ण उपयोग की क्षमता अर्जित करते हैं। इस प्रकार यह पाठ्यक्रम बहुविषयक अध्ययन, बौद्धिक स्वायत्तता तथा शोध-उन्मुख अधिगम से संबंधित डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली की शैक्षिक दृष्टि से संबद्ध है।
How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
प्रस्तुत पाठ्यक्रम बी.ए. हिंदी कार्यक्रम के विद्यार्थियों को शोध की मूलभूत अवधारणाओं, पद्धतियों तथा अकादमिक लेखन की प्रक्रिया से परिचित कराता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी लघु शोध-प्रबंध की तैयारी, संदर्भ-सामग्री के उपयोग तथा शोधपरक लेखन की प्रारंभिक दक्षता अर्जित कर सकेंगे, जो उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए आवश्यक आधार निर्मित करने में सहायता करेगा |
पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)
यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को शोध की अवधारणा, स्वरूप, प्रक्रिया एवं अकादमिक लेखन की प्रारंभिक समझ प्रदान करने के उद्देश्य से निर्मित है। इसके अंतर्गत शोध की प्रकृति, पद्धति, चरण तथा शोध-संबंधी मूलभूत अवधारणाओं का अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों को लघु शोध-प्रबंध की रूपरेखा, सामग्री-संकलन, संदर्भ-निर्देशन तथा अकादमिक लेखन की विधि से परिचित कराया जाएगा, जिससे उनमें शोधपरक दृष्टि एवं लेखन कौशल का विकास हो सके। यह पाठ्यक्रम 8वें सेमेस्टर के ‘लघु शोध-प्रबंध–II’ का प्रारंभिक चरण के रूप में प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी लघु शोध-प्रबंध तैयार करने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे तथा संभावित रूप से इसी सत्र में अपने लघु शोध-प्रबंध हेतु विषय का चयन भी कर सकेंगे।
प्रस्तुत पाठ्यक्रम केवल उन विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध होगा, जिन्होंने बी.ए. के प्रथम तीन वर्षों में न्यूनतम 7.5 सीजीपीए प्राप्त किया हो, जैसा कि एनईपी 2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निर्धारित है।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
- विद्यार्थियों को शोध की अवधारणा, स्वरूप एवं प्रक्रिया से परिचित कराना।
- विद्यार्थियों में शोध की विभिन्न पद्धतियों एवं चरणों की समझ विकसित करना।
- विद्यार्थियों को अकादमिक एवं शोधपरक लेखन की प्रारंभिक विधियों से परिचित कराना।
- विद्यार्थियों में शोध-सामग्री के चयन, संगठन एवं उपयोग की क्षमता विकसित करना।
- विद्यार्थियों को लघु शोध-प्रबंध की रूपरेखा, संरचना एवं लेखन-प्रक्रिया की समझ प्रदान करना।
- विद्यार्थियों को 8वें सेमेस्टर के लघु शोध-प्रबंध हेतु विषय चयन एवं उसके लिए सक्षम बनाना।
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Course Outcomes:
मॉड्यूल 1 : शोध : अवधारणा, स्वरूप और प्रकृति इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को शोध की मूल अवधारणा, उसके स्वरूप तथा प्रकृति से परिचित कराया जाएगा। शोध की विशेषताओं एवं अकादमिक अध्ययन में उसकी भूमिका को समझाते हुए हिंदी साहित्य और शोध के अंतर्संबंधों पर विचार किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में शोधपरक दृष्टि का प्रारंभिक विकास हो सके। निर्धारित विषय :-
सहायक पाठ्य सामग्री :-
मॉड्यूल 2 : शोध प्रक्रिया और पद्धति इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को शोध की प्रक्रिया, विभिन्न पद्धतियों तथा शोध-कार्य के प्रमुख चरणों से परिचित कराया जाएगा। शोध विषय के चयन, समस्या-निर्धारण तथा सामग्री-संकलन/आँकड़ों के संग्रहण की प्रक्रियाओं की समझ विकसित करते हुए विद्यार्थियों को शोध की प्रारंभिक पद्धति से अवगत कराया जाएगा । निर्धारित विषय :-
सहायक पाठ्य सामग्री :-
मॉड्यूल 3 : लघु शोध-प्रबंध : स्वरूप और संरचना इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को लघु शोध-प्रबंध की अवधारणा, उसकी संरचना तथा अकादमिक स्वरूप से परिचित कराया जाएगा। शोध-प्रबंध की रूपरेखा, अध्याय-विन्यास एवं प्रस्तुति शैली की समझ विकसित करते हुए संदर्भ और उद्धरण पद्धति के महत्त्व पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी शोध-लेखन की मूलभूत प्रक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से समझ सकें। निर्धारित विषय :-
सहायक पाठ्य सामग्री :-
मॉड्यूल 4 : लघु शोध-प्रबंध लेखन के विभिन्न आयाम इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को अकादमिक लेखन की भाषा, शैली तथा शोध-सामग्री के संगठन एवं विश्लेषण की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा। साथ ही लघु शोध-प्रस्ताव तैयार करने तथा चयनित विषय पर लघु शोध-प्रबंध के प्रारंभिक लेखन का अभ्यास कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में शोधपरक लेखन की व्यावहारिक समझ विकसित हो सके। निर्धारित विषय :-
सहायक पाठ्य सामग्री :-
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
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डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली