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लघु शोध प्रबंध

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core SOL2HN002 8

Course Coordinator(s)  :   प्रो.सत्यकेतु सांकृत, डॉ.निकिता जैन

Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No 

Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

How does the course link with the vision of AUD?

यह पाठ्यक्रम डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली के अंतरानुशासनिक, समालोचनात्मक एवं अनुसन्धान केन्द्रित दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन, ज्ञान-निर्माण तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों के प्रति संवेदनशील अकादमिक दृष्टि का विकास करता है।

How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered? 

यह पाठ्यक्रम बी.ए. चतुर्थ वर्ष में विकसित शोध की समझ को आगे बढ़ाते हुए प्रस्ताव-लेखन की प्रक्रिया से सुसंगत रूप में जुड़ता है तथा शोध-प्रक्रिया के प्रारंभिक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विषय-चयन, समस्या-निर्धारण एवं शोध-रूपरेखा निर्माण की क्षमता विकसित करते हुए एम.ए. स्तर के उन्नत एवं स्वतंत्र अनुसंधान के लिए तैयार होते हैं।

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

एम.ए. हिंदी कार्यक्रम के अंतर्गत ‘लघु शोध प्रबंध’ पाठ्यक्रम, स्नातक (बी.ए. चतुर्थ वर्ष) के उपरांत शोध का अगला उन्नत चरण है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वतंत्र अनुसंधान की क्षमता का विकास करना है। यह पाठ्यक्रम पूर्णतः शोध-आधारित है | प्रस्तुत पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को अपनी इच्छानुसार चयनित विषय पर, शोध मानकों के अनुरूप ‘लघु शोध प्रबंध’ का लेखन कार्य करना होगा | इसमें विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य के विविध क्षेत्रों जैसे -कथा साहित्य, काव्य, नाटक, आलोचना, हिन्दी भाषा, मीडिया, सिनेमा, प्रवासी साहित्य, समकालीन विमर्श आदि में से किसी एक उपयुक्त विषय का चयन कर लगभग 10,000 से 12,000 शब्दों के बीच एक लघु शोध प्रबंध तैयार करना होगा। यह लघु शोध प्रबंध निर्धारित शोध-पद्धति, विश्लेषण तथा प्रस्तुति के मानकों के अनुरूप तैयार किया जाना अपेक्षित है, जिससे विद्यार्थियों में शोध लेखन की क्षमता, तार्किकता और अनुसंधानपरक दृष्टि का सुदृढ़ विकास हो सके।
पाठ्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुसंधान के आधारभूत ढांचे से परिचित कराते हुए उन्हें उच्च स्तरीय शोध (जैसे एम.फिल./पीएच.डी.) के लिए तैयार करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विषय-चयन, समस्या-निर्धारण, परिकल्पना निर्माण, स्रोतों के समुचित उपयोग, विश्लेषणात्मक दृष्टि के प्रति अपनी एक समझ बना पाएंगे |
यह पाठ्यक्रम कुल 8 क्रेडिट में प्रस्तावित है जिसमें से 4 क्रेडिट लघु शोध प्रबंध के लेखन के लिए तथा 4 क्रेडिट मौखिक प्रस्तुति के लिए निर्धारित किए गए हैं। मौखिकी के अंतर्गत विद्यार्थी अपने शोध कार्य की प्रस्तुति देंगे, जिसमें उनके लघु शोध प्रबंध को विषय -विशेषज्ञों द्वारा अनुसन्धान पद्धति के कई मानकों पर विश्लेषित किया जाएगा।

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

  • विद्यार्थियों में पठन, लेखन, विश्लेषण एवं अनुसंधान से संबंधित अकादमिक कौशलों का विकास करना, ताकि वे जटिल साहित्यिक विषयों का गहन अध्ययन कर सकें।
  • विद्यार्थियों को शोध-प्रक्रिया के विभिन्न चरणों - विषय-चयन, समस्या-निर्धारण, परिकल्पना निर्माण एवं शोध-रूपरेखा से परिचित कराना।
  • विद्यार्थियों को विविध शोध-पद्धतियों के आलोचनात्मक एवं संदर्भानुकूल प्रयोग में दक्ष बनाना, जिससे वे अपने विषय का गहन एवं सुसंगत विश्लेषण कर सकें।
  • विद्यार्थियों में शोध-सामग्री के चयन, स्रोतों के मूल्यांकन तथा उनके सुसंगठित एवं प्रभावी उपयोग की क्षमता विकसित करना।
  • विद्यार्थियों को उच्चतर अकादमिक अनुसंधान की दिशा में उन्मुख करना, जिससे वे भविष्य में उन्नत शोध कार्यों (जैसे - पीएच.डी.) के लिए तैयार हो सकें।

Modules and Readings

माड्यूल  विवरण :-     

प्रत्येक विद्यार्थी को अपने लघु शोध प्रबंध हेतु एक उपयुक्त विषय का चयन करना अनिवार्य होगा। विषय के अंतिम चयन के पश्चात् संबंधित संकाय सदस्य अथवा शोध-निर्देशक द्वारा प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों सहित एक चयनित एवं सुव्यवस्थित पठन-सूची (Reading List) प्रदान की जाएगी, जिससे विद्यार्थी सीमित, प्रासंगिक एवं उपयोगी अध्ययन-सामग्री के आधार पर अपने शोध को एक निश्चित दिशा दे सकें। इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल विषय के साथ आलोचनात्मक संलग्नता विकसित करने में सहायता मिलेगी, बल्कि वे एक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित लघु शोध प्रबंध तैयार करने में भी सक्षम हो सकेंगे। शोध-निर्देशन की प्रक्रिया के अंतर्गत विद्यार्थियों को नियमित रूप से प्रति सप्ताह निर्धारित समय के अनुसार शोध-निर्देशक का सक्रिय परामर्श एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा, जिससे शोध-कार्य की निरंतर प्रगति सुनिश्चित की जा सके। शोध-विषय के चयन तथा प्रस्ताव लेखन (Proposal -writing)  की प्रक्रिया पूर्ववर्ती सेमेस्टर में प्रारंभ की जाएगी, जबकि वास्तविक शोध लेखन कार्य अंतिम सेमेस्टर में किया जाएगा। 

शोध-कार्य की प्रगति के मूल्यांकन हेतु कार्य-प्रगति प्रस्तुति (Work-in-Progress Presentation) का आयोजन अंतिम सेमेस्टर के मध्य में किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के अनुसंधान की शोध गुणवत्ता का सम्यक आकलन किया जा सके। इसके उपरांत विद्यार्थी अंतिम सेमेस्टर के अंत तक अपना पूर्ण लघु शोध प्रबंध निर्धारित शैक्षणिक मानकों के अनुरूप जमा करेंगे। 

प्रस्तुत शोध-प्रबंध के समग्र मूल्यांकन के लिए मौखिकी (Viva Voce) आयोजित की जाएगी, जिसमें शोध-निर्देशक के साथ हिंदी संकाय के सदस्य सम्मिलित होंगे। जहाँ संभव होगा, वहाँ शोध-विषय से संबंधित विशेषज्ञता रखने वाले विश्वविद्यालय के अन्य स्कूल के एक बाह्य परीक्षक को भी सम्मिलित किया जा सकता है, जिससे मूल्यांकन की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं अकादमिक गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।

इस प्रकार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को चरणबद्ध, निर्देशित एवं सुदृढ़ अनुसंधान-अनुभव प्रदान करते हुए उन्हें उच्चतर अकादमिक शोध की दिशा में उन्मुख करने का कार्य करेगा ।

Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Dissertation writing – (50%Marks)
  • Viva -Voce (50 Marks)
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