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हिन्दी साहित्य और मानवाधिकार

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core NSOL1VA001 4

Course Coordinator(s)  डॉ.महेंद्र प्रजापति

Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No 

Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

How does the course link with the vision of AUD? 

How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered? 

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

साहित्य वास्तव में मानवाधिकार की अभिव्यति का एक मजबूत माध्यम है। अपनी रचना प्रक्रिया में साहित्य का प्रथम उद्देश ही मानव अधिकारों को स्वर देना है। साहित्य मात्र मानवीय संवेदना को नैतिकता और आदर्ष रूप नहीं देता बल्कि कई बार अपने अधिकारों के प्रति सचेत होने के विद्रोह भी करना सिखाता है। मानवीय प्रतिष्ठा, स्वतंत्रता तथा समानता के अधिकार पहली बार साहित्य के माध्यम से सामने आए। इस प्रश्न पत्र में साहित्य की विभिन्न विधाओं माध्यम से मानव अधिकारों को समझने का प्रयास किया जाएगा। मानव की सामजिक गरिमा, वैचारिक चेतना, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संरक्षण को मानवाधिकार के अंतर्गत समझना ही इस पाठ्यक्रम का मुख्या उद्देश्य है

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

हिन्दी साहित्य के माध्यम से मानवाधिकार की अवधारणा और उसके विविध आयामों से विद्यार्थियों को परिचित कराना।
साहित्य में अभिव्यक्त मानवीय गरिमा, स्वतंत्रता, समानता और न्याय के प्रश्नों को समझाना।
साहित्य और मानवाधिकार के पारस्परिक संबंधों का अध्ययन कर सामाजिक चेतना विकसित करना।
हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं के माध्यम से मानवाधिकार संबंधी संवेदनाओं का विश्लेषण कराना।
विद्यार्थियों में सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संरक्षण के प्रति मानवीय दृष्टि विकसित करना।
विद्यार्थियों में मानवाधिकार संबंधी प्रश्नों के प्रति संवेदनशील, आलोचनात्मक और जागरूक
दृष्टिकोण विकसित करना।

Course Outcomes:  

  • CO1 : विद्यार्थी हिन्दी साहित्य के माध्यम से मानवाधिकार की अवधारणा और उसके विविध आयामों को समझ सकेंगे।
  • CO2 : विद्यार्थी साहित्य में अभिव्यक्त मानवीय गरिमा, स्वतंत्रता, समानता और न्याय संबंधी प्रश्नों से परिचित हो सकेंगे।
  • CO3 : विद्यार्थी हिन्दी साहित्य और मानवाधिकार के पारस्परिक संबंधों का विवेचन कर सकेंगे।
  • CO4 : विद्यार्थी हिन्दी साहित्य की विभिन्न विधाओं में निहित मानवाधिकार संबंधी संवेदनाओं और संघर्षों का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • CO5 : विद्यार्थी सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संरक्षण से जुड़े मानवीय मूल्यों को समझ सकेंगे।
  • CO6 : विद्यार्थी मानवाधिकार संबंधी प्रश्नों के प्रति संवेदनशील, आलोचनात्मक और जागरूक दृष्टि विकसित कर सकेंगे।

Modules and Readings
    
मॉड्यूल – 1  मानवाधिकार : अर्थ, अवधारणा और स्वरुप

इस माड्यूल में मानवाधिकार के अर्थ, अवधारणा और स्वरुप को समझने का प्रयास किया जाएगा। मानवाधिकार भारतीय संविधान की प्रमुख शब्दावली है जिसमें मनुष्य के कुछ अधिकार और कुछ कर्तव्य बताते हैं। इस माड्यूल में मानवाधिकार का इतिहास, सिद्धांत और परिभाषा को विद्याथी समझेंगे। साथ ही संविधान में जो मनुष्य को अधिकार प्राप्त हैं, उनको भी विद्याथियों को समझाने का प्रयास किया जाएगा। 

निर्धारित विषय 

  • मानवाधिकार  का अर्थ और अवधारणा 
  • मानवाधिकार की परिभाषा व सैद्धांतिकी 
  • भारतीय संविधान में मानवाधिकार

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें  :-

  • मानव अधिकार, सुधारानी श्रीवास्तव, मध्यप्रदेश हिंदी ग्रन्थ अकादमी, भोपाल
  • मानव अधिकार और सामाजिक न्याय, (सं) डॉ. महेन्द्र चौधरी, डॉ. हरिराम परिहार, राजस्थानी ग्रंथागार, जोधपुर    

मॉड्यूल 2 :   समाज और मानवाधिकार के पक्ष

इस माड्यूल में मनुष्य के जो मूल मानवाधिकार हैं उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा। मनुष्य को संवैधानिक अधिकार, शिक्षा का अधिकार, समानता का अधिकार – कहानी का प्लाट कानूनी अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। इन्हीं अधिकारों को गहराई से विद्यार्थियों को समझाना ही इस माड्यूल का उद्देश्य है लेकिन मनुष्य को भी अपने कर्म को ध्यान में रख कार्य करना आवश्यक है। 

निर्धारित विषय:

  • संवैधानिक अधिकार, भारतीय संविधान, आर्टिकल-15   
  • शिक्षा का अधिकार- मुर्दहिया, तुलसीराम 
  • समानता का अधिकार – कहानी का प्लाट, शिवपूजन सहाय 
  • कानूनी अधिकार, नमक का दरोगा, प्रेमचंद

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-

  • भारतीय संविधान

माड्यूल 3: हिंदी कविता में मानवाधिकार

साहित्य के द्वारा मानवाधिकारों को उठाना लेखकों की पहली प्राथमिकता है। हिंदी कविता में मानवाधिकार को लेकर आरंभ से प्रश्न उठते रहे हैं। मध्यकाल में व्यक्ति की स्वतंत्रता, सामाजिक समता, उचित न्याय तथा मानवता संरक्षण पर जोर देती हैं। संत कविता वास्तव में भक्ति के माध्यम से मनुष्य के अधिकारों की ही बात करती है जिसमें समानता और न्याय की चर्चा मिलती। समाज में होने वाले  शोषण,  भेदभाव और दमन के विरोध में संत कवियों ने निरंतर लेखन किया। कबीर, सूर, तुलसी, पीपा, रैदास, रहीम आदि से भारतीय समाज में व्याप्त असामनता के भेदभाव को मिटाने का प्रयास किया। आधुनिक कविता में यह प्रतिरोध और अधिक तेज होता  दिखाई देता है। छायावाद, प्रगतिशील. नई कविता के केंद्र में मानव के अधिकार ही हैं। निराला, नागार्जुन, दिनकर, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, भवानी प्रसाद मिश्र आदि ने लोकतंत्र रक्षा सत्ता की  दमनकारी नीतियों के खिलाफ लिखा और आम जनता को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रेस किया। इस माड्यूल में उन्हीं कविताओं का अध्ययन किया जाएगा जिसमें मानवीय संवेदना और अधिकार की बात की गई है।

निर्धारित विषय :-
1.भक्ति कविता में मानवाधिकार 

  • कबीर की चेतना चेतना 
  • रैदास की समतावादी दृष्टि
  • मीरा की स्त्री स्वतंत्रता सम्बन्धी प्रश्न
  • तुलसी की लोकमंगल भावना

2. आधुनिक कविता में मानवाधिकार 

  • भारतेंदु युगीन कविता का सामाजिक बोध 
  • द्विवेदी युगीन राष्ट्रीय चेतना 
  • छायावाद में व्यक्ति स्वतंत्रता
  • नई कविता में मानव अस्तित्व की खोज 

माड्यूल 4 :  हिंदी कथा और अन्य साहित्यिक विधाओं में मानवाधिकार

कविता के साथ हिंदी की अन्य साहित्यिक विधाओं में मानवाधिकार के बिंदु मिलते हैं जिनका अध्ययन करके मानव अधिकार और मानवीय संवेदना को समझा जा सकेगा। इन रचनाओं के माध्यम से विद्यार्थी साहित्यिक पक्ष से मानवाधिकार को समझ्न सकेंगे और उसके साथ जुड़ सकेंगे। अन्य साहित्यिक विधाएँ मानवाधिकार को सामने लाने में अधिक सक्षम हैं जिनका अध्ययन विद्याथी को न केवल संवेदनशील बनाएगा बल्कि न्याय प्रक्रिया को समझने में भी सहायक होगा।

निर्धारित विषय :-
1. हिंदी उपन्यास में मानवाधिकार 

  • बिल्लेसुर बकरिहा- सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला  

2. हिंदी कहानी में मानवाधिकार

  • पञ्च परमेश्वर, प्रेमचंद   

3. अन्य साहित्यिक विधाएँ और मानवाधिकार 

  • रेखाचित्र
  • स्मृति की रेखाएं, महादेवी वर्मा 
  • आत्मकथा 
  • अपनी खबर , पाण्डेय बेचैन शर्मा उग्र 
  • जीवनी – आवारा मसीहा, विष्णु प्रभाकर 

सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :- 

  • भारतीय संविधान
  • मानव अधिकार, सुधारानी श्रीवास्तव, मध्यप्रदेश हिंदी ग्रन्थ अकादमी, भोपाल
  • मानव अधिकार और सामाजिक न्याय, (सं) डॉ. महेन्द्र चौधरी, डॉ. हरिराम परिहार, राजस्थानी ग्रंथागार, जोधपुर    
  • कानून का अधिकार, डॉ. विजय सोनकर शास्त्री, प्रभात प्रकाशन दिल्ली 
  • दलित साहित्य और मानवाधिकार, अमजेर सिंह काजल, नई किताब प्रकाशन, दिल्ली  

   
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
  • Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
  • End Term Exam (50 Marks)
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