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हिन्दी नाटक

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core 4

Course Coordinator(s)  : 

Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No 

Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

How does the course link with the vision of AUD? 

प्रस्तुत पाठ्यक्रम बी.ए. (ऑनर्स) हिंदी कार्यक्रम में आधुनिक हिंदी कविता की प्रमुख काव्यधाराओं, प्रवृत्तियों तथा वैचारिक आधारों के अध्ययन को सुदृढ़ करता है। यह विद्यार्थियों को खड़ी बोली हिंदी के काव्यभाषा के रूप में विकास, राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक चेतना की काव्यात्मक अभिव्यक्तियों तथा छायावाद, प्रगतिवाद और प्रयोगवाद जैसी काव्य प्रवृत्तियों की समझ प्रदान करता है। साथ ही, यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में काव्य-पाठ के विश्लेषण, आलोचनात्मक व्याख्या, अकादमिक लेखन तथा साहित्यिक संवेदनशीलता की क्षमता विकसित करने में सहायक है।

How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered? 

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को हिन्दी नाटक की अवधारणा, सिद्धांत, प्रवृत्तियों तथा रंग-दृष्टि से परिचित कराने के उद्देश्य से निर्मित है। इसके अंतर्गत स्वतंत्रता-पूर्व एवं स्वतंत्रता-पश्चात् हिन्दी नाटक की प्रमुख प्रवृत्तियों, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों, नाट्य-शिल्प तथा रंगमंचीय पक्षों का अध्ययन कराया जाएगा। पाठ्यक्रम में चयनित नाटकों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक -राजनीतिक यथार्थ तथा समकालीन संवेदनाओं का विश्लेषण किया जाएगा। साथ ही प्रायोगिक कार्य के अंतर्गत नाटक के प्रस्तुति-पक्ष, अभिनय, मंच-संरचना एवं रंग-प्रयोग की समझ विकसित की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों में नाट्य-अध्ययन के प्रति आलोचनात्मक, विश्लेषणात्मक तथा रंग-संवेदनात्मक दृष्टि का विकास हो सके।

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

यह पाठ्यक्रम एम.ए. हिंदी कार्यक्रम के विद्यार्थियों को हिन्दी नाटक और रंगमंच की प्रमुख प्रवृत्तियों, सिद्धांतों तथा समकालीन रंग-चेतना से परिचित कराता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी नाट्य-पाठों का आलोचनात्मक अध्ययन, रंग-दृष्टि का विश्लेषण तथा साहित्य और समाज के अंतर्संबंधों की व्याख्या करने की क्षमता अर्जित कर सकेंगे, जो उच्च अध्ययन एवं शोध के लिए आवश्यक आधार प्रदान करता है।

Course Outcomes:  

  • CO1:विद्यार्थियों को हिन्दी नाटक की प्रमुख प्रवृत्तियों, सिद्धांतों से परिचित कराना।
  • CO2 विद्यार्थियों में नाट्य-पाठों के आलोचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन की क्षमता विकसित करना।
  • CO3हिन्दी नाटक और रंगमंच के अंतर्संबंधों की समझ विकसित करना।
  • CO4:विद्यार्थियों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक संदर्भों के परिप्रेक्ष्य में नाटकों का अध्ययन करने हेतु प्रेरित करना।
  • CO5:विद्यार्थियों को समकालीन हिन्दी नाटक की प्रयोगधर्मी प्रवृत्तियों से परिचित कराना।
  • CO6 विद्यार्थियों में नाटक की प्रस्तुति,  एवं समीक्षात्मक दृष्टि का विकास करना।

Modules and Readings

मॉड्यूल 1 (Lecture Hours = 16)

हिन्दी नाटक : अवधारणा, सिद्धांत, और रंग-दृष्टि

इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को नाटक की अवधारणा, उसके प्रमुख तत्वों तथा भारतीय एवं पाश्चात्य नाट्य-सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही नाटक, रंगमंच और प्रदर्शन के अंतर्संबंधों तथा आधुनिक हिन्दी नाटक की प्रमुख प्रवृत्तियों की समझ विकसित की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों में नाट्य-अध्ययन के प्रति आलोचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक दृष्टि का विकास हो सके।

निर्धारित विषय :-

  • नाटक की अवधारणा एवं प्रमुख तत्व
  • भारतीय एवं पाश्चात्य नाट्य-सिद्धांत/अवधारणा 
  • भारतीय नाट्य की प्रमुख प्रवृत्तियाँ

                a.बंगाली नाटक 

                b.गुजराती नाटक 

                c.मराठी

सहायक पाठ्य सामग्री 

माड्यूल 2 (Lecture Hours = 16 Hours)

स्वतंत्रता-पूर्व हिन्दी नाटक : प्रवृत्तियाँ और रंग दृष्टि 

इस मॉड्यूल के अंतर्गत स्वतंत्रता-पूर्व हिन्दी नाटक की प्रमुख प्रवृत्तियों एवं शिल्पगत विशेषताओं का अध्ययन कराया जाएगा। राष्ट्रीय, ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदर्भों के आधार पर हिन्दी नाटकों की वैचारिक एवं कलात्मक संरचना का विश्लेषण किया जाएगा।

निर्धारित विषय: 

  • स्वतंत्रता-पूर्व हिन्दी नाटक की प्रमुख प्रवृत्तियाँ 
  • राष्ट्रीय एवं ऐतिहासिक प्रवृत्तियाँ :- [ चंद्रगुप्त - जयशंकर प्रसाद :नाट्य शिल्प, रंगदृष्टि, 

संरचनात्मक विशेषताएं आदि ]

  • सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रवृत्तियाँ:-[सिन्दूर की होली - लक्ष्मीनारायण मिश्र:नाट्य शिल्प, रंगदृष्टि, संरचनात्मक विशेषताएं आदि]

सहायक पुस्तकें एवं सामग्री : 

माड्यूल 3 (Lecture Hours = 16 hours)

इस मॉड्यूल के अंतर्गत स्वतंत्रता-पश्चात् हिन्दी नाटक की प्रमुख प्रवृत्तियों एवं रंग-दृष्टि का अध्ययन कराया जाएगा। बदलते सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश, मानवीय संबंधों, संवेदनाओं तथा समकालीन विमर्शों के संदर्भ में हिन्दी नाटकों की वैचारिक एवं रंग-संबंधी विशेषताओं का विश्लेषण किया जाएगा।


निर्धारित विषय: 

  • स्वतंत्रता-पश्चात् हिन्दी नाटक का बदलता स्वरुप
  • मध्यवर्गीय चेतना एवं मानवीय संवेदनाएं  [अंजो दीदी: उपेन्द्रनाथ अश्क- नाट्य कला, विषय वस्तु, शिल्प आदि]
  • नवीन युगबोध के विविध पक्ष [रसगन्धर्व या एकतारे की आंख: मणिमधुकर-नाट्य कला, विषय-वस्तु, शिल्प आदि |] 

सहायक पाठ्य सामग्री एवं ग्रन्थ :- 

माड्यूल 4 (Lecture Hours = 16 hours)

प्रायोगिक कार्य

इस मॉड्यूल के अंतर्गत विद्यार्थियों को नाटक के व्यावहारिक एवं रंगमंचीय पक्षों से परिचित कराया जाएगा। अभिनय, संवाद, मंच-संरचना तथा प्रस्तुति की प्रक्रियाओं को समझाते हुए चयनित नाटक के आधार पर प्रायोगिक कार्य कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में रंग-संवेदना एवं प्रस्तुति-कौशल का विकास हो सके।
     
निर्धारित विषय :

  • आगरा बाज़ार- हबीब तनवीर : अभिनय, संवाद, मंच-संरचना एवं प्रस्तुति

सहायक पाठ्य सामग्री  :- 


Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
  • Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
  • End Term Exam (50 Marks)
     
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