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हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता

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Course Type Course Code No. Of Credits
Discipline Core NSOL1HN112 4

Course Coordinator(s)    डॉ.निकिता जैन 

Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No 

Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)

No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार

Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long

How does the course link with the vision of AUD? 

‘हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता’ पर केंद्रित यह पाठ्यक्रम विश्वविद्यालय के समावेशी, आलोचनात्मक एवं बहु-विषयी शिक्षा के विज़न के अनुरूप विद्यार्थियों को साहित्य, पत्रकारिता और समाज के अंतर्संबंधों की ऐतिहासिक एवं समकालीन समझ प्रदान करता है। यह पाठ्यक्रम नवजागरण से लेकर समकालीन डिजिटल युग तक साहित्यिक पत्रकारिता की भूमिका के अध्ययन के माध्यम से सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा अभिव्यक्ति की जिम्मेदारियों के प्रति विद्यार्थियों में  जागरूकता का विकास करता है |   साथ ही, यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में भाषा की सूक्ष्म समझ, सृजनात्मक लेखन-कौशल तथा समकालीन मीडिया के प्रति सजग और आलोचनात्मक दृष्टि का परिष्कार करता है।

How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered? 

प्रस्तुत पाठ्यक्रम बी.ए. (हिन्दी) कार्यक्रम की संरचना और उद्देश्यों के साथ घनिष्ठ रूप से संबद्ध है |  भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन की समन्वित समझ विकसित करना इस पाठ्यकम का प्रमुख लक्ष्य है। हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता के अध्ययन के माध्यम से यह पाठ्यक्रम साहित्यिक परंपरा, भाषिक विकास तथा सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तनों के अंतर्संबंधों को स्पष्ट करता है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को साहित्यिक विधाओं, विमर्शों तथा पत्रकारिता के माध्यम से अभिव्यक्ति के विविध आयामों से परिचित कराते हुए उनके आलोचनात्मक चिंतन, विश्लेषणात्मक क्षमता और सृजनात्मक लेखन को सुदृढ़ करता है। इस प्रकार, यह कोर्स कार्यकम के अंतर्गत निर्धारित ज्ञान, कौशल एवं दृष्टि के समग्र विकास में सार्थक योगदान देता है।

पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)

यह पाठ्यक्रम हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता की अवधारणा, स्वरूप और विकास-यात्रा का समग्र एवं व्यवस्थित अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें प्रारम्भिक मुद्रित पत्रकारिता से लेकर समकालीन डिजिटल एवं ई-पत्रकारिता तक के विविध आयामों को समाहित किया गया है। पाठ्यक्रम के अंतर्गत साहित्य और पत्रकारिता के अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए यह परिलक्षित करने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार साहित्यिक पत्रकारिता ने हिन्दी भाषा तथा विभिन्न साहित्यिक विधाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पाठ्यक्रम नवजागरण काल से लेकर स्वतंत्रता-पूर्व और स्वातंत्र्योत्तर साहित्यिक पत्रकारिता के ऐतिहासिक, सामाजिक और वैचारिक परिप्रेक्ष्य का विश्लेषण करता है। साथ ही, समकालीन संदर्भों में साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं, सोशल मीडिया, ब्लॉग एवं अन्य डिजिटल माध्यमों के माध्यम से अभिव्यक्ति के बदलते स्वरूपों को भी समझने का अवसर प्रदान करता है।
विभिन्न साहित्यिक विधाओं जैसे- काव्य, कथा, आलोचना, निबंध, यात्रा-वृत्तांत—तथा विविध विमर्शों (स्त्री, दलित, आदिवासी आदि) के संदर्भ में साहित्यिक पत्रकारिता को एक नई दृष्टि से समझने और प्रस्तुत करने का इस पाठ्यक्रम में प्रयास किया गया है। इस प्रकार, यह पाठ्यक्रम हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता के अंतर्संबद्ध स्वरूप की सम्यक् समझ विकसित करने की एक आधारभूमि प्रदान भी करता है।

पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)

  • विद्यार्थियों में, हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता के स्वरूप, अवधारणा एवं ऐतिहासिक विकास-क्रम की समझ विकसित करना ।
  • विद्यार्थियों को साहित्यिक पत्रकारिता के माध्यम से हिन्दी भाषा एवं विभिन्न साहित्यिक विधाओं में हुए परिवर्तन और विकास का अध्ययन कराना ।
  • विद्यार्थियों में साहित्यिक पत्रकारिता के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक संदर्भों का विश्लेषण करने की क्षमता विकसित करना ।
  • विद्यार्थियों में लेखन, विश्लेषण एवं अभिव्यक्ति से जुड़े कौशलों का संवर्धन करना।

Course Outcomes:  

  • CO1: विद्यार्थी हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता की अवधारणा एवं ऐतिहासिक विकास-क्रम को वर्णित कर सकेंगे।
  • CO2: विद्यार्थी साहित्यिक पत्रकारिता के स्वरूप, पृष्ठभूमि तथा साहित्य और पत्रकारिता के अंतर्संबंधों को स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे ।
  • CO3: विद्यार्थी विभिन्न साहित्यिक विधाओं एवं समकालीन मीडिया संदर्भों में साहित्यिक पत्रकारिता के सिद्धांतों का प्रयोग कर सकेंगे ।
  • CO4: विद्यार्थी साहित्यिक पत्रकारिता के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयामों का विश्लेषण करने में सक्षम होंगे ।
  • CO5:विद्यार्थी विभिन्न कालखंडों की साहित्यिक पत्रकारिता तथा पत्र-पत्रिकाओं की प्रवृत्तियों का समालोचनात्मक मूल्यांकन कर सकेंगे
  • CO6:  विद्यार्थी साहित्यिक पत्रकारिता के अनुरूप सृजनात्मक एवं आलोचनात्मक लेखन करने में सक्षम होंगे।

Modules and Readings

मॉड्यूल – 1   हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता : परिचय एवं अवधारणा

इस इकाई में हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता की सैद्धान्तिकी से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा। पत्रकारिता और साहित्य का अंतःसंबंध पत्रकारिता के उद्भव के समय से ही है। दोनों के मध्य गहरा संबंध होता है। क्योंकि देश, काल की सामाजिक-सांस्कृतिक चिंता और जनता की चेतना का प्रवाह पत्रकारिता एवं साहित्य में व्यक्त होता है। प्रस्तुत मॉड्यूल में साहित्यिक पत्रकारिता के स्वरुप पर गहनता से प्रकाश डालते हुए उसके महत्त्व पर बारीकी से विचार किया जाएगा।

निर्धारित विषय : 

  • साहित्यिक पत्रकारिता : अर्थ एवं अवधारणा
  • साहित्यिक पत्रकारिता की पृष्ठभूमि 
  • साहित्यिक पत्रकारिता की वैचारिकी

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें  :- 

  • https://me-l.co/f2qbrh2a 
  • Egyankosh -हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता 
  • हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता : प्रो० रमा, नयी किताब प्रकाशन, नयी दिल्ली, 2021
  • हिंदी पत्रकारिता : विविध आयाम (दो खंड) : डॉ वेदप्रताप वैदिक, हिंदी बुक सेण्टर, दिल्ली, 2006

मॉड्यूल 2 :  स्वतंत्रता पूर्व हिंदी साहित्यिक पत्रकारिता

इस इकाई में स्वतंत्रता पूर्व की हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता का अध्ययन किया जाएगा। बंगीय परिवेश से जन्म लेकर हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता अपनी यात्रा प्रारंभ करती है और धीरे-धीरे हिंदी प्रदेश और भारत में अपना फैलाव करती है। नवजागरणकालीन चेतना, राष्ट्रीय चेतना तथा हिंदी के आधुनिक साहित्य का व्यापक विकास इसी युग में हुआ। प्रस्तुत मॉड्यूल में विद्यार्थियों को भारतेन्दु युगीन पत्रकारिता से लेकर छायावादोत्तर पत्रकारिता तक की विकास यात्रा के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कराया जाएगा।
निर्धारित विषय:  

  • भारतेंदु युगीन साहित्यिक पत्रकारिता
  • नामकरण, युगीन परिस्थितियां, प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं का परिचय 
  • द्विवेदी युगीन साहित्यिक पत्रकारिता 
  • नामकरण, सामाजिक -राजनीतिक परिदृश्य, प्रमुख पत्रिकाओं का परिचय 
  • प्रेमचन्द व छायावाद युगीन साहित्यिक पत्रिकारिता 
  • महत्त्व, प्रमुख पत्रकार, विशेषताएँ, प्रासंगिकता 


सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :-

  • chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://www.khoji.net/books/files/BHDC-113-Block-1-www.khoji.net-18385.pdf
  • भारतेंदु युग और हिंदी भाषा की विकास परम्परा : रामविलास शर्मा, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2017
  • भारतीय पत्रकारिता  का इतिहास : जे नटराजन, प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली, 2002
  • हिंदी पत्रकारिता  का बृहद  इतिहास : डॉ. अर्जुन तिवारी, वाणी  प्रकाशन, नई दिल्ली, 2013

माड्यूल 3  स्वातंत्रयोत्तर हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता

स्वातंत्रयोत्तर हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता में काव्य व गद्य विधाओं के साथ कथेतर गद्य का सर्वाधिक लेखन हुआ है। भारत की स्वतंत्रता के पश्चात जनता की समस्याएं व उनका स्वर साहित्यिक पत्रकारिता का विषय बनता है। लोकतंत्र की पैरोकारी इसकी प्रमुख आवाज है। आपातकाल के समय प्रेस सेंसरशिप फिर से अंग्रेजी शासन की याद दिलाता है। स्वातंत्रयोत्तर और समकालीन पत्रकारिता का स्वर विविध है, जिसके केंद्र में मनुष्य है। आधुनिक पत्रकारिता का बदलता समय और ई-पत्रकारिता, ब्लॉग, वेबसाइट भी आधुनिक पत्रकारिता के घटक हैं।
निर्धारित विषय :

1.    स्वातंत्रयोत्तर साहित्यिक पत्रकारिता 

  • लघु पत्रिका आन्दोलन एवं साहित्यिक पत्रकारिता 
  • आपातकाल की साहित्यिक पत्रकारिता 

2.    समकालीन साहित्यिक पत्रकारिता (कालखंड, स्वरुप, विशेषताएं, प्रमुख पत्रिकाएं) 
3.    सोशल मीडिया और पत्रकारिता (साहित्यिक पत्र- पत्रिकाएं, ब्लॉग, वेबसाइट)

सहायक पाठ्य सामग्री एवं पुस्तकें :- 

  • आपातकालीन पत्रकारिता की संघर्ष गाथा : अरुण कुमार भगत, मेधा पब्लिशिंग हाउस, 2018
  • हिंदी की आधुनिक पत्रकारिता : अरुण कुमार भगत, नेशनल बुक ट्रस्ट, 2018
  • सम्पूर्ण पत्रकारिता : हेरम्ब मिश्र, अभिनव भारती, इलाहाबाद, 1979

माड्यूल 4  महत्त्वपूर्ण पत्र - पत्रिकाएँ 

इस इकाई में हिन्दी की साहित्यिक पत्रकारिता की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं का गंभीर एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन किया जाएगा। इन पत्रिकाओं के माध्यम से हिन्दी साहित्य तथा हिन्दी समाज में घटित वैचारिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परिवर्तनों को परिलक्षित करते हुए उनके विकास-क्रम का सम्यक् अनुशीलन किया जाएगा।

 निर्धारित विषय :

  • हिंदी प्रदीप
  • सरस्वती
  • चाँद (फांसी अंक)
  • हँस 
  • जनसत्ता

सहायक पाठ सामग्री एवं पुस्तकें :- 

  • chrome-extension://efaidnbmnnnibpcajpcglclefindmkaj/https://www.khoji.net/books/files/BHDC-113-Block-1-www.khoji.net-18385.pdf
  • भारतेंदु युग और हिंदी भाषा की विकास परम्परा : रामविलास शर्मा, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2017
  • भारतीय पत्रकारिता  का इतिहास : जे नटराजन, प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली, 2002
  • हिंदी पत्रकारिता  का बृहद  इतिहास : डॉ. अर्जुन तिवारी, वाणी  प्रकाशन, नई दिल्ली, 2013

Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):

  • Response Essay/Assignment-1 (25 Marks)
  • Midterm Exam/PPT/Assignment-2 (25 Marks)
  • End Term Exam (50 Marks)
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