| Course Type | Course Code | No. Of Credits |
|---|---|---|
| Foundation Core | NSOL1HN102 | 4 |
Course Coordinator(s) : Dr. Vijay Yadav
Does the course connect to, build on or overlap with any other courses offered in AUD? No
Specific requirements on the part of students who can be admitted to this course: None (Pre-requisites; prior knowledge level; any others – please specify)
No. of students to be admitted (with justification if lower than the usual cohort size is proposed): विश्वविद्यालय नियमानुसार
Course scheduling (semester; semester-long/half-semester course; workshop mode; seminar mode; any other – please specify): Semester long
How does the course link with the vision of AUD?
How does the course link to the specific programme(s) in which it is offered?
पाठ्यक्रम विवरण (Course Description)
प्रस्तुत पाठ्यक्रम में हिंदी कथा साहित्य विशेषकर आधुनिक हिंदी कहानी के जन्म की ऐतिहासिक-सामाजिक परिस्थितियों, विकास-यात्रा, प्रमुख प्रवृत्तियों, विचारधाराओं, कथा शिल्प आदि से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा ताकि वे समाज के विभिन्न पक्षों व आधुनिक समाज की जटिलताओं के प्रति संवेदनशील हो सकें। पाठ्यक्रम में सम्मिलित साहित्यिक कृतियों का उद्देश्य समाज में मामूली, साधारण, संघर्षशील विभिन्न पहलुओं के साथ साहित्य के संबंध को प्रकट करना होगा ताकि न्यायपूर्ण, आधुनिक व भेदभावहीन समाज की स्थापना के लिए चल रहे प्रयासों के प्रति गंभीरता को सुनिश्चित शिक्षण पद्धति के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा सके।
पाठ्यक्रम उद्देश्य (Course Objectives)
- हिंदी कहानियों के इतिहास से परिचय प्राप्त हो सकेगा उनकी साहित्यिक चेतना का विकास होगा।
- कहानियों के माध्यम से भारतीय समाज-राष्ट्र में आते परिवर्तनों का बोध विकसित होगा।
- समाज के उपेक्षित तथा हाशिये के वर्गों के प्रति नई संवेदनशीलता का विकास होगा।
- स्वातंत्र्योत्तर भारत में समाज द्वारा जिन चुनौतियों का सामना किया गया, उसका परिचय मिलेगा।
- साहित्य में जो नए आंदोलन व विचार-दृष्टियां जन्म ले रही थीं, कहानियों के माध्यम से उनकी समझ विकसित होगी।
- यह पाठ्यक्रम अनिवार्य कोर्स के रूप में पढ़ाए जाने वाले हिंदी साहित्य के इतिहास से जुड़ा रहेगा और विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य के समग्र ज्ञान की दिशा में ले जाने में सहायक होगा।
Modules and Readings
In this section, provide the name of the modules along with a brief description and references (Core and Suggested)
मॉड्यूल1 (Lecture Hours = )
इस माडयूल में विद्यार्थियों को हिंदी कहानी के उदय एवं उसके कारणों को पढ़ाया जाएगा। हिंदी कहानी की विकास यात्रा किन-किन चरणों से होकर यहाँ तक पहुँच गयी है और उसका समाज पर क्या प्रभाव पड़ा है? यह अध्यापन किया जाएगा। एक समय ऐसा आता है जब हिंदी समय के बदलते परिवेश ओर मूल्यों के आधार पर अपने कथानक में परिवर्तन करती है, यह परिवत्रन नयी कहानी के नाम से जाना गया। इसी तरह के हिंदी कहानी में साहित्यिक आंदोलन जुड़ते गए और हिंदी कहानी का विस्तार करते गए। परिवत्रन और विस्तार की इस प्रक्रिया से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। जिसकी सूक्ष्म रूपरेखा निम्नवत है
निर्धारित बिंदु
हिंदी कहानी एक विस्तृत परिचय
- हिंदी कहानी का उद्भव एवं विकास
- हिंदी कहानी के उदय की परिस्थितियाँ
- हिंदी कहानी ओर प्रमुख साहित्यिक आंदोलन
सहायक ग्रंथ (पुस्तकें)
- कहानी, नई कहानी, नामवर सिंह, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2004
- हिंदी कहानी का विकासः मधुरेश, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली, 2003
- नई कहानी की भूमिकाः कमलेश्वर, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2015
- नई कहानीः संदर्भ और प्रकृति- देवीशंकर अवस्थी, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2018
- हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास- बच्चन सिंह, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली, 2018
- यथार्थवाद, शिवकुमार मिश्र, द मैकमिलन कम्पनी ऑफ इण्डिया, दिल्ली, 1983
माड्यूल 2 (Lecture Hours = ) 16
इस माडयूल में विद्यार्थियों को हिंदी नवजागरण से परिचित कराया जाएगा। इसी क्रम में हिंदी कहानी और हिंदी नवजागरण के संबंधों हिंदी नवजागरण के संबंध को भी कक्षा में पढ़ाया जाएगा। हिंदी कहानियों में हिंदी नवजागरण किन-किन रूपों में आया है। यह भी विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। जिसका आधार नीचे कुछ कहानियों के रूप में उल्लिखित है-
निर्धारित बिंदु
हिंदी कहानी और हिंदी नवजागरण
- दुलाई वाली - राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला)
- रानी केतकी की कहानी - इंशा अल्लाह खाँ
- बड़े घर की बेटी - प्रेमचंद
- राजा भोज का सपना - शिव प्रसाद सितारेहिंद
सहायक ग्रंथ (पुस्तकें)
- हिंदी की आरंभिक कहानिया- गंगाप्रसाद विमल (चयन व भूमिका), नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली, 2014
- हिंदी कहानी का इतिहास – खण्ड 1 (1900-1950) गोपाल राय, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2023
- हिंदी कहानी का इतिहास – खण्ड-2 (1951-1975), गोपाल राय, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2023
- हिंदी कहानी का इतिहास – खण्ड-3 (1951-1975), गोपाल राय, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2023
माड्यूल 3 (Lecture Hours = ) 16 hours
इस माडयूल विद्यार्थियों को स्वाधीनता आंदोलन में हिंदी कहानियों के योगदान का अध्यापन होगा। यह आंदोलन किन-किन रूपों में हिंदी कहानियों में प्रतिबिम्बित हुआ है। इसका अध्यापन किया जाएगा। उदाहरण के रूप में कुछ हिंदी कहानियाँ नीचे प्रस्तावित है-
निर्धारित बिंदु
हिंदी कहानी और स्वाधीनता आंदोलन
- फांसी - जैनेन्द्र
- दो बांके - भगवती चरण वर्मा
- बिखरे मोती - सुभद्रा कुमारी चौहान
- उसकी माँ - पाण्डेय बेचन शर्मा ‘उग्र’
सहायक ग्रंथ (पुस्तकें)
- प्रेमचंद और उनका युग- रामविलास शर्मा, राजकमल प्रकाशन, 2016
- कहानीकार प्रेमचंदः रचनादृष्टि और शिल्प- शिवकुमार मिश्र, लोकभारती प्रकाशन, 2010
- स्वाधीनता आंदोलन और हिंदी कहानी, डॉ. रागिनी सांकृत, हंस प्रकाशन, दरियागंज, नई दिल्ली-2021
- नई कहानी आलोचना, उदय शंकर, अंतिका प्रकाशन, प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली, 2019
माड्यूल 4 (Lecture Hours = )
इस माडयूल में विद्यार्थियों को हिंदी कहानी की भाषायी संरचना का उनके तत्वों को आधार बनाकर अध्यापन किया जाएगा। भाषा के तत्व ही भाषा को मजबूत और पूर्ण बनाते हैं, इसलिए विद्यार्थियों को भाषायी संरचना से परिचित कराना अनिवार्य है। हिंदी कहानी की भाषायी संरचना को जानने के लिए नीचे कुछ संक्षिप्त बिन्दु चिन्हित किए गए हैं-
निर्धारित बिंदु
हिंदी कहानियों की भाषायी संरचना
हिंदी कहानी: भाषा और शिल्प
सहायक ग्रंथ (पुस्तकें)
इग्नू सामग्री
Assessment (Including Skills to be tested as per NCrF):
- Assignment -1 (25 Marks)
- Midterm Exam (25 Marks)
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली